JK Women Science Congress: अंतरिक्ष से लेकर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस तक बाधाओं को तोड़ रही नारी शक्ति- एलजी

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JK Women Science Congress in jammu university: LG said From space to artificial intelligence women power is br

J&K Women Science Congress 2024
– फोटो : डीआईपीआर, जम्मू-कश्मीर

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विज्ञान, प्रौद्योगिकी, नवाचार और गणित (एसटीईएम) में महिलाओं के नेतृत्व प्रक्षेप पथ को बदलने के लिए जम्मू विश्वविद्यालय द्वारा ‘जम्मू-कश्मीर महिला विज्ञान कांग्रेस 2024’ का आयोजन किया जा रहा है। रविवार को उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने विज्ञान और तकनीक के क्षेत्र में नेतृत्व करने वाली महिलाओंपर गर्व है। अंतरिक्ष से लेकर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस तक, उद्यमिता से स्वास्थ्य सेवा तक, शिक्षा से नवाचार तक, कृषि से अनुसंधान तक, नारी शक्ति बाधाओं को तोड़ रही है और नई पीढ़ी को प्रेरित कर रही है।

उपराज्यपाल ने कहा, ‘मेरा दृढ़ विश्वास है कि विज्ञान, प्रौद्योगिकी और अनुसंधान में महिलाओं की सक्रिय भागीदारी भारत को एक वैश्विक नवाचार महाशक्ति के रूप में बना सकती है। जम्मू-कश्मीर में महिलाओं के नेतृत्व में विकास हमारा मुख्य उद्देश्य है। इस लक्ष्य को हासिल करना हमारी सामूहिक जिम्मेदारी है।’

तीन दिनी जेएंडके महिला विज्ञान कांग्रेस 2024 के आयोजन में विभिन्न संस्थानों से करीब 200 प्रतिभागी शिरकत कर रहे हैं। इसमें 13 सत्र होंगे, जिसमें 15 पूर्ण वार्ता, 21 मौखिक वार्ता, 10 फ्लैश वार्ता, 124 पोस्टर प्रस्तुतियां और लैंगिक असमानता पर पैनल चर्चा होगी। उपराज्यपाल मनोज सिन्हा सुबह 11 बजे ब्रिगेडियर राजेंद्र सिंह सभागार में कांग्रेस का उद्घाटन करेंगे।

कुलपति प्रोफेसर उमेश राय ने बताया कि महिला विज्ञान कांग्रेस का उद्देश्य विज्ञान, प्रौद्योगिकी, इंजीनियरिंग और गणित (एसटीईएम) में महिलाओं के उत्कृष्ट योगदान का जश्न मनाना और प्रदर्शित करना है। 11 फरवरी 2015 को संयुक्त राष्ट्र जनरल असेंबली द्वारा मान्यता प्राप्त विज्ञान में महिलाओं और युवतियों के अंतर्राष्ट्रीय दिवस के अनुरूप यह कांग्रेस विज्ञान में लैंगिक समानता पर जोर देने के साथ एसटीईएम में महिलाओं की अगली पीढ़ी को प्रेरित करने के लिए एक महत्वपूर्ण मंच प्रदान करेगी। कांग्रेस में सीएसआईआर-इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ केमिकल बायोलॉजी (आईआईसीबी), कोलकाता की निदेशक प्रोफेसर विभा टंडन सम्मानित अतिथि के तौर पर पहुंची हैं।

उपकुलपति ने महिला वैज्ञानिकों के लिए फेलोशिप को बढ़ावा देने में भारतीय विज्ञान कांग्रेस और भारतीय विज्ञान अकादमी, बंगलुरू के प्रयासों पर प्रकाश डाला। वैज्ञानिक समुदाय में लड़कियों को बढ़ावा देने पर विशेष जोर दिया जा रहा है। कांग्रेस में युवा शोधकर्ताओं और रोल मॉडल के बीच सार्थक बातचीत की सुविधा प्रदान होगी। 

जम्मू विश्वविद्यालय की डीन अकादमिक मामलों और कांग्रेस की संयोजक प्रोफेसर अंजू भसीन ने महिलाओं को शीर्ष स्तर तक पहुंचने, बातचीत और विचार-साझाकरण को बढ़ावा देने के लिए एक मंच प्रदान करने की कांग्रेस पहल पर प्रकाश डाला।

सह-संयोजक प्रो. ज्योति वाखलू ने कहा कि विशेष रूप से यह कांग्रेस ट्रांस-डिसिप्लिनरी मोड में आयोजित की जाएगी, जिससे छात्रों, विद्वानों, युवा संकाय और प्रतिष्ठित वैज्ञानिकों के बीच सहयोग को बढ़ावा मिलेगा। कांग्रेस में अंतरराष्ट्रीय और राष्ट्रीय स्तर पर प्रसिद्ध महिला वैज्ञानिकों के व्याख्यानों की एक श्रृंखला होगी, जो एसटीईएम में अपने अनुभव साझा करेंगी। चयनित युवा महिला वैज्ञानिकों की उपलब्धियों पर भी चर्चा की जाएगी। 

कांग्रेस का लक्ष्य यह सुनिश्चित करना है कि लड़कियों को एसटीईएम में उपलब्ध अवसरों के बारे में अच्छी जानकारी हो। इस दौरान प्रोफेसर मोनिका चड्ढा, प्रोफेसर सारिका मन्हास, प्रोफेसर जसबीर सिंह, डॉ. दाउद इकबाल बाबा, डॉ. नीरज शर्मा, डॉ. गिन्नी डोगरा, डॉ. हरीश, डॉ. शीतल अंबरदार, डॉ. सुमिता शर्मा मौजूद रहे।

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