JMC: सदन में इस बार ऐसे प्रस्तावों पर होगा मंथन, जिन्हें नगर निगम कर सकता है लागू

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Jammu Municipal Corporation approved only 14 out of 44 proposals for discussion in House

Jammu Municipal Corporation
– फोटो : संजय कुमार

विस्तार

जम्मू नगर निगम की 24 जून को होने वाली सदन की बैठक में ऐसे प्रस्तावों पर ही मंथन होगा, जिन्हें नगर निगम लागू कर सकता है। ऐसे किसी भी प्रस्ताव पर बहस नहीं होगी, जो निगम के दायरे में नहीं आता है। हर बार पार्षदों के भेजे गए प्रस्तावों को बैठक में रखा जाता है।

कई ऐसे प्रस्तावों पर भी मंथन होता है, जो सरकार के स्तर पर हल होने होते हैं। मजबूरन सदन में इन्हें पास कर फाइल सचिवालय में भेजनी पड़ती है, लेकिन इन पर अंतिम मुहर नहीं लग पाती। ऐसे में हर बार हाउस में पार्षद पहले पास हुए प्रस्तावों के बारे में पूछते हैं। इन पर हंगामा भी होता है।

नगर निगम ने इस बार 44 प्रस्तावों में से 14 को ही सदन में चर्चा के लिए मंजूर किया है। इसमें 30 प्रस्तावों को हटाया गया है। सूत्रों के अनुसार ये प्रस्ताव नगर निगम के अधिकार क्षेत्र में नहीं आते। इन पर चर्चा होने से समय बर्बाद होना था। ऐसे में पहले ही इन्हें हटा दिया गया है।

इसके अलावा 42 प्रश्नों में से 31 को ही सुनवाई के लिए रखा जाएगा। इसमें 11 को हटाया गया है। ये तमाम प्रश्न नगर निगम के अधीन नहीं आते हैं। वहीं, 30 डिमांडों की जगह पर 12 को रखा गया है। इन पर मंथन के बाद इन्हें पूरा किया जाएगा। इसमें रास्ते, नाले, नालियां, स्ट्रीट लाइट जैसी मांगें वार्डों से की गई हैं। नगर निगम के अनुसार हर बार ऐसे प्रस्तावों को सुनवाई के लिए रखा जाता है, जो पूरे नहीं किए जा सकते। इस पर हाउस में 15 से 20 मिनट तक मंथन होता है। बाद में कोई नतीजा नहीं निकलना। ऐसे में प्रक्रिया प्रभावित होती है। इस बार बदलाव किया गया है। दस मिनट तक बहस के बाद प्रस्तावों को पास किया जाएगा।

सचिवालय में 405 प्रस्ताव पहले ही स्वीकृति के इंतजार में

अभी तक 447 में से सिर्फ 42 प्रस्ताव ही पास हो पाए हैं। इसमें 405 पहले ही स्वीकृति की आस में सचिवालय में हैं। 2018 से लेकर अब तक नगर निगम की 20 से ज्यादा बैठकें हो चुकी हैं। प्रस्ताव सचिवालय में मंजूर होकर नहीं आए। ये ऐसे प्रस्ताव हैं जो पास तो किए गए, लेकिन नगर निगम इनको लागू करवाने में असमर्थ रहा।

अभी तक जनरल हाउस की कार्रवाई पर नहीं हो पाई पार्षदों की ट्रेनिंग

अभी तक जनरल हाउस की कार्रवाई पर पार्षदों की ट्रेनिंग भी नहीं हो पाई है। 2018 के बाद पहले मेयर चंद्र मोहन गुप्ता रहे। उनके चार साल के कार्यकाल में कोई ट्रेनिंग नहीं दी गई। इसके बाद मेयर राजेंद्र शर्मा ने कार्यभार संभाला है। इस दौरान भी कोई प्रशिक्षण पार्षदों को नहीं दिया गया। ऐसे में अधिकार क्षेत्र से बाहर प्रस्तावों पर भी मंथन होता रहा।

इस बार ऐसे प्रस्तावों को लिया गया है, जो नगर निगम के अधिकार क्षेत्र में हैं। अन्य को अस्वीकार किया गया है। इससे सदन की कार्रवाई सुचारु चल सकेगी और प्रस्ताव हाउस में पास हो सकेंगे। -परविंद्र कौर, सचिव, नगर निगम

जो प्रस्ताव नगर निगम के दायरे में नहीं हैं, उन्हें हटा दिया गया है। सदन में सिर्फ ऐसे ही प्रस्तावों पर मंथन होगा, जिन्हें नगर निगम पास कर सकता है। समय का सदुपयोग किया जाएगा। – राजेंद्र शर्मा, मेयर, नगर निगम

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