JOA IT Paperleak: पूर्व सचिव के खिलाफ मामला दर्ज करने के लिए नहीं मिल रही मंजूरी

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कर्मचारी चयन आयोग हमीरपुर- फाइल फोटो

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– फोटो : संवाद

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हिमाचल प्रदेश कर्मचारी चयन आयोग की भर्ती परीक्षाओं के प्रश्नपत्र लीक मामले के दस दिन बाद भी एसआईटी और विजिलेंस को पूर्व सचिव के खिलाफ सरकार से मामला दर्ज करने की अनुमति नहीं मिल पाई है। जिसके चलते भर्ती परीक्षा के प्रश्नपत्र लीक मामले की जांच महज आयोग की एकमात्र महिला कर्मचारी तक ही सीमित रह गई है। जबकि कानूनविद इस सारे प्रकरण में आयोग के पूर्व सचिव की भूमिका पर ही सवाल उठा रहे हैं। सोमवार को हमीरपुर न्यायालय में भी पूर्व सचिव की भूमिका को लेकर अधिवक्ताओं के बीच तीखी बहस हुई। इसके बावजूद एसआईटी और विजिलेंस अभी तक दर्ज हुई दोनों एफआईआर में पूर्व सचिव का नाम शामिल नहीं कर पाई है।

आयोग के माध्यम से आयोजित होने वाली भर्ती परीक्षाओं के प्रश्नपत्र तैयार करने, उनकी प्रिंटिंग, स्ट्रांग रूम में रखना और परीक्षाओं के दौरान विभिन्न परीक्षा केंद्रों पर प्रश्नपत्रों का वितरण का कार्य और इनकी गोपनीयता आयोग के सचिव के हवाले रहती है। एसआईटी और विजिलेंस अभी तक इस मामले में आयेाग की वरिष्ठ सहायक उमा आजाद, उसके दो बेटों, नितिन और निखिल आजाद, घर पर काम करने वाले नौकर नीरज कुमार, दलाल संजीव कुमार, संजीव के भाई शशिपाल, दो अभ्यर्थियों तनु शर्मा और अजय शर्मा को ही गिरफ्तार किया है।

आयोग से उमा आजाद के अलावा कोई भी अन्य कर्मचारी गिरफ्तार नहीं हुआ। जबकि विजिलेंस और एसआईटी के पास अभी तक बीस विभिन्न भर्ती परीक्षाओं की शिकायतें प्राप्त हो चुकी हैं। विजिलेंस ने आयोग के पूर्व सचिव के लैपटॉप, उमा आजाद के घर से दो लैपटॉप, फोटो कॉपियर, जेओए आईटी भर्ती, कंप्यूटर ऑपरेटर और जूनियर ऑडिटर भर्ती परीक्षा के प्रश्नपत्र के अलावा 7.95 लाख रुपये और एक टाटा सफारी गाड़ी बरामद कर चुकी है। दलाल संजीव कुमार के कोचिंग संस्थान से कंप्यूटर की हार्ड डिस्क व अन्य दस्तावेज भी बरामद हुए। 

न्यायालय में पांचवीं बार पेश होगी उमा आजाद
भर्ती प्रश्नपत्र लीक मामले में मुख्य आरोपी उमा आजाद को बुधवार को चौथी बार हमीरपुर न्यायालय में पेश किया जाएगा। विजिलेंस ने पुलिस रिमांड बढ़ाने को लेकर कुछ अन्य दस्तावेज और सबूत एकत्रित किए हैं। मंगलवार को भी विजिलेंस थाना में पूर्व सचिव जितेंद्र कंवर और मुख्य आरोपी उमा आजाद से लंबी पूछताछ हुई।

एडीजीपी सतवंत अटवाल ने भी मंगलवार को हमीरपुर पहुंचकर इस पूरे प्रकरण का फीडबैक लिया और विजिलेंस व एसआईटी टीम को जांच जारी रखने के निर्देश दिए। इसके अलावा उन्होंने चयन आयोग कार्यालय में जाकर भी मामले की जांच-पड़ताल की।

उमा आजाद के दोनों बेटों द्वारा पूर्व में उत्तीर्ण की गई विभिन्न भर्ती परीक्षाओं को लेकर भी विजिलेंस से फीडबैक ली। शिमला से आई एक अन्य टीम ने भी हमीरपुर कर्मचारी चयन आयोग कार्यालय में पहुंचकर देर शाम साढ़े आठ बजे तक भर्ती मामले की जांच की है।

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हिमाचल प्रदेश कर्मचारी चयन आयोग की भर्ती परीक्षाओं के प्रश्नपत्र लीक मामले के दस दिन बाद भी एसआईटी और विजिलेंस को पूर्व सचिव के खिलाफ सरकार से मामला दर्ज करने की अनुमति नहीं मिल पाई है। जिसके चलते भर्ती परीक्षा के प्रश्नपत्र लीक मामले की जांच महज आयोग की एकमात्र महिला कर्मचारी तक ही सीमित रह गई है। जबकि कानूनविद इस सारे प्रकरण में आयोग के पूर्व सचिव की भूमिका पर ही सवाल उठा रहे हैं। सोमवार को हमीरपुर न्यायालय में भी पूर्व सचिव की भूमिका को लेकर अधिवक्ताओं के बीच तीखी बहस हुई। इसके बावजूद एसआईटी और विजिलेंस अभी तक दर्ज हुई दोनों एफआईआर में पूर्व सचिव का नाम शामिल नहीं कर पाई है।

आयोग के माध्यम से आयोजित होने वाली भर्ती परीक्षाओं के प्रश्नपत्र तैयार करने, उनकी प्रिंटिंग, स्ट्रांग रूम में रखना और परीक्षाओं के दौरान विभिन्न परीक्षा केंद्रों पर प्रश्नपत्रों का वितरण का कार्य और इनकी गोपनीयता आयोग के सचिव के हवाले रहती है। एसआईटी और विजिलेंस अभी तक इस मामले में आयेाग की वरिष्ठ सहायक उमा आजाद, उसके दो बेटों, नितिन और निखिल आजाद, घर पर काम करने वाले नौकर नीरज कुमार, दलाल संजीव कुमार, संजीव के भाई शशिपाल, दो अभ्यर्थियों तनु शर्मा और अजय शर्मा को ही गिरफ्तार किया है।

आयोग से उमा आजाद के अलावा कोई भी अन्य कर्मचारी गिरफ्तार नहीं हुआ। जबकि विजिलेंस और एसआईटी के पास अभी तक बीस विभिन्न भर्ती परीक्षाओं की शिकायतें प्राप्त हो चुकी हैं। विजिलेंस ने आयोग के पूर्व सचिव के लैपटॉप, उमा आजाद के घर से दो लैपटॉप, फोटो कॉपियर, जेओए आईटी भर्ती, कंप्यूटर ऑपरेटर और जूनियर ऑडिटर भर्ती परीक्षा के प्रश्नपत्र के अलावा 7.95 लाख रुपये और एक टाटा सफारी गाड़ी बरामद कर चुकी है। दलाल संजीव कुमार के कोचिंग संस्थान से कंप्यूटर की हार्ड डिस्क व अन्य दस्तावेज भी बरामद हुए। 

न्यायालय में पांचवीं बार पेश होगी उमा आजाद

भर्ती प्रश्नपत्र लीक मामले में मुख्य आरोपी उमा आजाद को बुधवार को चौथी बार हमीरपुर न्यायालय में पेश किया जाएगा। विजिलेंस ने पुलिस रिमांड बढ़ाने को लेकर कुछ अन्य दस्तावेज और सबूत एकत्रित किए हैं। मंगलवार को भी विजिलेंस थाना में पूर्व सचिव जितेंद्र कंवर और मुख्य आरोपी उमा आजाद से लंबी पूछताछ हुई।

एडीजीपी सतवंत अटवाल ने भी मंगलवार को हमीरपुर पहुंचकर इस पूरे प्रकरण का फीडबैक लिया और विजिलेंस व एसआईटी टीम को जांच जारी रखने के निर्देश दिए। इसके अलावा उन्होंने चयन आयोग कार्यालय में जाकर भी मामले की जांच-पड़ताल की।

उमा आजाद के दोनों बेटों द्वारा पूर्व में उत्तीर्ण की गई विभिन्न भर्ती परीक्षाओं को लेकर भी विजिलेंस से फीडबैक ली। शिमला से आई एक अन्य टीम ने भी हमीरपुर कर्मचारी चयन आयोग कार्यालय में पहुंचकर देर शाम साढ़े आठ बजे तक भर्ती मामले की जांच की है।



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