Joshimath Sinking: अब इस गांव की तस्वीर ने डराया, सुरंग निर्माण के चलते 85 घरों में दहशत का माहौल

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जोशीमठ के बाद अब नरेंद्रनगर ब्लॉक अंतर्गत दोगी पट्टी के अटाली गांव के ग्रामीणों दहशत में हैं। गांव में ग्रामीणों के खेतों और घरों में दरारें आ गई हैं। यहां गांव के पास ही ब्यासी के पास ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल परियोजना की सुरंग का निर्माण कार्य चल रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि गांव के 85 घरों में दरारें हैं। इस मुद्दे को लेकर सोमवार को प्रशासन और ग्रामीणों के बीच समस्या को लेकर बैठक होगी। 

ऋषिकेश से बदरीनाथ राजमार्ग पर करीब 33 किमी दूर ब्यासी पड़ता है। ब्यासी बाजार से करीब सौ मीटर की दूरी पर अटाली गांव है। इस गांव में करीब 85 परिवार रहते हैं। ब्यासी के समीप रेलवे का निर्माण कार्य चल रहा है। अटाली गांव निवासी पदम सिंह पुंडीर, प्रकाश चौहान ने बताया कि करीब एक महीने पहले गांव के चार-पांच परिवार के ग्रामीणों का 10-12 खेतों में दरार्रें आ आईं थीं।

प्रवीण पुंडीर ने बताया कि टनल के ऊपर बसे करीब 10 से 11 घरों के साथ गांवों के सभी 85 घरों में दरारें हैं। इसके अलावा पांच परिवारों के खेतों में दरारें आई हैं। अब खेतों के बाद यह दरारें घरों में भी पहुंचनी शुरू हो गई है। गांव में सभी परिवारों के घरों में लगभग दरारें शुरू हो गई हैं।

इसका कारण रेलवे का ब्यासी में निर्माण कार्य को बताया जा रहा है। जिससे ग्रामीणों में दहशत फैली हुई है। इस बारे में प्रशासन को भी अवगत कराया जा चुका है। टिहरी प्रशासन की टीम ने भी स्थलीय निरीक्षण कर किया है। ग्रामीणों को डर है कि कहीं जोशीमठ वाली स्थिति उनके गांव में न पड़े। कहा यदि ऐसा हुआ तो शासन प्रशासन को इस गांव का भी विस्थापना का दर्द झेलना पड़ेगा। 

ऋषिकेश अटाली गांव में ग्रामीणों की खेतों पर दरारें आने की शिकायत पर रेलवे विभाग, राजस्व विभाग और भूगर्भीय वैज्ञानिकों की टीम ने बीते 30 दिसंबर को गांव का निरीक्षण किया। टीम में रेलवे विभाग से डीजीएम भूपेंद्र सिंह, राजस्व विभाग से नरेंद्रनगर तहसीलदार अयोध्या प्रसाद उनियाल, लेखपाल ओंकार रावत और गांव के ग्रामीण शामिल थे।  

प्रशासन, रेलवे विभाग और भूगर्भीय विभाग की टीम गांव को निरीक्षण कर चुकी है। इसकी रिपोर्ट उच्चाधिकारी को भेज दी गई है। रेलवे से ग्रामीणों के खेतों के अधिग्रहण की बात चल रही है। सोमवार को गांव में समस्याओं को लेकर बैठक होगी। -देवेंद्र नेगी, एसडीएम, नरेंद्रनगर।

वहीं मसूरी शहर के लंढौर में मुख्य सङक में मोटी दरारे पङने से सङक अपने लेवल से काफी नीचे धस गई, साल दर साल सङक नीचे धस रही जिससे स्थानीय लोगों के माथे पर चिंता की लकीरें पङ गई,स्थानीय लोग सङक के ट्रीटमेंट की मांग कर रहे। मसूरी शहर के सबसे पुराने बाजार लंढौर के जैन मंदिर के पास सड़क पर मोटी दरारें पड़ गई,और सङक नीचे धस गई, साथ ही सङक धसने से लोगों के घरों, दुकानों में भी दरारें भी पड़ गई जिससे स्थानीय लोगों की चिंता बढ गई। स्थानीय निवासी ठाकुर प्रवीण पंवार ने कहा कि उनके के घर के सामने जैन मंदिर ,होटल निशिमा के पास सङक हर साल धस रही साथ ही कुछ घरों में दरारें भी पङी है, कहा इस क्षेत्र का ट्रीटमेंट समय रहते होना चाहिए। कहा सड़क अपने लेवल से करीब दो फीट नीचे धंसी हुई है।

नगर पालिका अध्यक्ष अनुज गुप्ता ने कहा कि लंढौर मुख्य मार्ग नगर पालिका की सड़क है। सड़क का रखरखाव भी पालिका द्वारा किया जाता है। कहा सड़क धसने का मामला उनके संज्ञान में है, लेकिन क्षेत्र में पेयजल लाइन बिछाने के लिए काम होना है। इसलिए सड़क की मरम्मत नहीं हो पाई। उन्होंने कहा कि पानी की पाइप लाइन बिछाए जाने के बाद सड़क की मरम्मत की जाएगी।

एसडीएम मसूरी शैलेन्द्र सिंह नेगी ने कहा कि उनके संज्ञान में मामला नहीं है, लेकिन जानकारी मिल गई है। कहा कि मौके पर जाकर निरीक्षण किया जाएगा और जो भी उचित होगा कार्यवाही की जायेगी । 



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