Joshimath Sinking: भू-वैज्ञानिकों ने किया प्रभावित क्षेत्रों का सर्वेक्षण, अब तैनात होगी NDRF की टीम

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आपदा प्रबंधन सचिव रंजीत कुमार सिन्हा

आपदा प्रबंधन सचिव रंजीत कुमार सिन्हा
– फोटो : अमर उजाला

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गढ़वाल आयुक्त सुशील कुमार और आपदा प्रबंधन सचिव रंजीत कुमार सिन्हा ने भू-वैज्ञानिकों की टीम के साथ जोशीमठ में भू-धंसाव को लेकर प्रभावित क्षेत्रों का गहन सर्वेक्षण किया। गढ़वाल आयुक्त ने सुरक्षा के दृष्टिगत जोशीमठ में एनडीआरएफ दल की तैनाती के निर्देश दिए।

Joshimath Sinking: वैज्ञानिकों ने बताई जोशीमठ में भू-धंसाव की वजह…2006 में ही कर दिया था अलर्ट

आपदा प्रबंधन सचिव रंजीत सिन्हा ने कहा कि जोशीमठ नगर में भू-धंसाव के कारणों की जांच की जा रही है। टीम की ओर से हर नजरिए से समस्या का आंकलन किया जा रहा है। घरों में दरारें चिंताजनक हैं। अभी तात्कालिक रूप से प्रभावित लोगों को सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट करना हमारी प्राथमिकता है। स्थायी रूप से जो भी निर्माण कार्य हो सकते हैं उसका प्लान तैयार किया जाएगा। ड्रेनेज सिस्टम पर जल्द ही कार्य शुरू होने वाला है। साथ ही सभी घरों को सीवर से जोड़ा जाएगा। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के निर्देशों पर जोशीमठ में भू-धंसाव की समस्या को रोकने के लिए टीम प्रत्येक नजरिए से जांच कर रही है।

शुक्रवार को टीम ने जोशीमठ के सुनील गांव, मनोहर बाग, सिंहधार, जेपी कॉलोनी, मारवाड़ी, विष्णुप्रयाग, रविग्राम, गांधीनगर क्षेत्र का घर-घर जाकर सर्वेक्षण किया। साथ ही टीम ने तपोवन पहुंच कर एनटीपीसी की निर्माणाधीन परियोजना टनल के बाहरी हिस्से के साथ ही टनल के अंदर संचालित कार्यों का जायजा लिया। 

निरीक्षण के दौरान गढ़वाल आयुक्त व आपदा सचिव के अलावा आपदा प्रबंधन के अधिशासी अधिकारी पीयूष रौतेला, एनडीआरएफ के डिप्टी कमांडेंट रोहितास्व मिश्रा, भूस्खलन न्यूनीकरण केंद्र के वैज्ञानिक शांतनु सरकार, आईआईटी रुड़की के प्रोफेसर डॉ. बीके माहेश्वरी, राष्ट्रीय जल विज्ञान संस्थान रुड़की के गोपालकृष्णन, भू-वैज्ञानिक दीपक हटवाल, वाडिया इंस्टीट्यूट की विशेषज्ञ स्वप्निल, सीडीओ डॉ. ललित नारायण मिश्र, एडीएम डॉ. अभिषेक त्रिपाठी, संयुक्त मजिस्ट्रेट दीपक सैनी, पुलिस उपाधीक्षक प्रमोद शाह और तहसीलदार रवि शाह आदि मौजूद थे।

‘आपदा मद से मांगें बजट, सीवर लाइन बिछाएं’
रविग्राम में निरीक्षण के दौरान आपदा सचिव रंजीत सिन्हा ने गंगा प्रदूषण नियंत्रण इकाई के अधिकारियों से क्षेत्र में सीवर लाइन बिछाने की योजना की जानकारी मांगी। अधिकारियों ने बताया कि केंद्र सरकार से इसके लिए बजट मांगा गया है लेकिन अभी तक बजट नहीं आया है। इस पर आपदा सचिव ने तत्काल आपदा मद से बजट की डिमांड करने और सीवर लाइन बिछाने का काम शुरू करने के निर्देश दिए। प्रभावितों की मांग पर सचिव ने कहा कि वे स्वयं कार्य की मॉनीटरिंग करेंगे।

जोशीमठ में एसडीआरएफ की तीन और टीमें तैनात

जोशीमठ में भू-धंसाव को देखते हुए एसडीआरएफ ने भी तैयारियां तेज कर दी हैं। आपात स्थिति से निपटने के लिए यहां तीन और टीमें तैनात की गई हैं। पहले यहां तीन टीमें तैनात रहती थीं। एसडीआरएफ के अधिकारियों को यहां पल-पल निगरानी के निर्देश पुलिस मुख्यालय ने दिए हैं।

एसडीआरएफ कमांडेंट मणिकांत मिश्रा ने बताया कि जोशीमठ में पहले तीन टीमें आपदा या दुर्घटनाओं में घायलों की मदद और राहत कार्य में जुटती थीं। मगर, अब भू-धंसाव को देखते हुए एसडीआरएफ ने इनकी संख्या बढ़ा दी है। एक टीम में तकरीबन 12 लोग शामिल रहते हैं। यहां की स्थिति पर नजर रखने के लिए अधिकारियों को लगातार निगरानी के निर्देश मिले हैं। इसके लिए टीमों के सदस्य इलाके के लोगों के लगातार संपर्क में बने हुए हैं।

सभी जरूरी उपकरणों को क्षेत्र में टीम के साथ भेजा गया है। ताकि, किसी भी अपात स्थिति में जल्द से जल्द मोर्चा संभाला जा सके। उच्चाधिकारियों को लगातार अपडेट किया जा रहा है। कमांडेंट मिश्रा ने बताया कि यदि जरूरत पड़ी तो यहां टीमों की संख्या और बढ़ाई जाएगी। विभिन्न विभागों से समन्वय स्थापित किया जा रहा है। भू-धंसाव की जांच के लिए विशेषज्ञों की टीमें जुटी हुई हैं।

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गढ़वाल आयुक्त सुशील कुमार और आपदा प्रबंधन सचिव रंजीत कुमार सिन्हा ने भू-वैज्ञानिकों की टीम के साथ जोशीमठ में भू-धंसाव को लेकर प्रभावित क्षेत्रों का गहन सर्वेक्षण किया। गढ़वाल आयुक्त ने सुरक्षा के दृष्टिगत जोशीमठ में एनडीआरएफ दल की तैनाती के निर्देश दिए।

Joshimath Sinking: वैज्ञानिकों ने बताई जोशीमठ में भू-धंसाव की वजह…2006 में ही कर दिया था अलर्ट

आपदा प्रबंधन सचिव रंजीत सिन्हा ने कहा कि जोशीमठ नगर में भू-धंसाव के कारणों की जांच की जा रही है। टीम की ओर से हर नजरिए से समस्या का आंकलन किया जा रहा है। घरों में दरारें चिंताजनक हैं। अभी तात्कालिक रूप से प्रभावित लोगों को सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट करना हमारी प्राथमिकता है। स्थायी रूप से जो भी निर्माण कार्य हो सकते हैं उसका प्लान तैयार किया जाएगा। ड्रेनेज सिस्टम पर जल्द ही कार्य शुरू होने वाला है। साथ ही सभी घरों को सीवर से जोड़ा जाएगा। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के निर्देशों पर जोशीमठ में भू-धंसाव की समस्या को रोकने के लिए टीम प्रत्येक नजरिए से जांच कर रही है।

शुक्रवार को टीम ने जोशीमठ के सुनील गांव, मनोहर बाग, सिंहधार, जेपी कॉलोनी, मारवाड़ी, विष्णुप्रयाग, रविग्राम, गांधीनगर क्षेत्र का घर-घर जाकर सर्वेक्षण किया। साथ ही टीम ने तपोवन पहुंच कर एनटीपीसी की निर्माणाधीन परियोजना टनल के बाहरी हिस्से के साथ ही टनल के अंदर संचालित कार्यों का जायजा लिया। 



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