जोशीमठ में भू-धंसाव को लेकर आज देहरादून में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने विरोध प्रदर्शन किया। प्रदेश अध्यक्ष करण माहरा व पूर्व प्रदेश अध्यक्ष प्रीतम सिंह अन्य नेताओं के साथ मुख्यमंत्री आवास के बाहर धरने पर बैठ गए। इस दौरान उन्होंने सरकार से जोशीमठ के मुद्दे पर सर्वदलीय बैठक बुलाए जाने की मांग की।
उन्होंने कहा कि जोशीमठ के मुद्दे पर छह जनवरी से मुख्यमंत्री से मिलने का मांग रहे थे, समय लेकिन उन्हें समय नहीं दिया गया। जिस कारण उन्हें मजबूरन आज उनके आवास के बाहर धरने पर बैठना पड़ा।
मकान किराये की राशि चार हजार से बढ़ाकर 20 हजार रुपये करे सरकार विधायक प्रीतम सिंह के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल राजभवन में राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (सेनि) से मिला और जोशीमठ के हालात से अवगत कराया। इस दौरान प्रभावित परिवार को मकान किराये के रूप में दी जा रही चार हजार रुपये की राशि को 20 हजार रुपये किए जाने की मांग की गई।
प्रतिनिधिमंडल ने आरोप लगाया कि आपदा राहत कार्यों में सरकार की ओर से लापरवाही बरती जा रही है। इस संबंध में उन्होंने राज्यपाल को ज्ञापन भी सौंपा। ज्ञापन में प्रीतम ने लिखा है कि सात जनवरी को उन्होंने जोशीमठ का दौरा किया। इस दौरान वह आपदा प्रभावितों से मिले और उनकी समस्याएं सुनीं। उन्होंने कहा कि वहां लगातार हो रहे भू-धंसाव से लोगों में दहशत है। लोगों के आवासीय और व्यावसायिक भवनों का नुकसान हुआ है। सरकार की ओर से उन्हें अब तक कोई सहायता राशि नहीं दी गई है। यहां तक कि आपदा के समय दी जानी वाली धनराशि भी नहीं दी गई है। विभिन्न शिविरों में ठहराए गए लोगों के लिए खाने-पीने की कोई व्यवस्था नहीं की गई है।
उन्होंने प्रभावितों के क्षतिग्रस्त भवनों एवं व्यापारिक प्रतिष्ठानों का उचित मुआवजा दिए जाने और प्रभावित लोगों का सुरक्षित स्थानों पर विस्थापित किए जाने की भी मांग की है। उन्होंने नगर को पुन: पुराने स्वरूप में लाने के लिए वैज्ञानिकों से परामर्श के बाद त्वरित गति से कार्य करने का अनुरोध किया। इसके साथ ही आपदाग्रस्त क्षेत्रों में आ रही समस्याओं के तत्काल समाधान के लिए सरकार को निर्देशित करने का अनुरोध किया। प्रतिनिधिमंडल में विधायक द्वाराहाट मदन सिंह बिष्ट, पूर्व विधायक विजयपाल सजवाण, राजकुमार, लालचंद शर्मा, गौरव चौधरी, राजेंद्र शाह, हरिकृष्ण भट्ट, अश्वनी बहुगुणा आदि शामिल थे।
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जोशीमठ में भू-धंसाव को लेकर आज देहरादून में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने विरोध प्रदर्शन किया। प्रदेश अध्यक्ष करण माहरा व पूर्व प्रदेश अध्यक्ष प्रीतम सिंह अन्य नेताओं के साथ मुख्यमंत्री आवास के बाहर धरने पर बैठ गए। इस दौरान उन्होंने सरकार से जोशीमठ के मुद्दे पर सर्वदलीय बैठक बुलाए जाने की मांग की।
उन्होंने कहा कि जोशीमठ के मुद्दे पर छह जनवरी से मुख्यमंत्री से मिलने का मांग रहे थे, समय लेकिन उन्हें समय नहीं दिया गया। जिस कारण उन्हें मजबूरन आज उनके आवास के बाहर धरने पर बैठना पड़ा।
मकान किराये की राशि चार हजार से बढ़ाकर 20 हजार रुपये करे सरकार
विधायक प्रीतम सिंह के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल राजभवन में राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (सेनि) से मिला और जोशीमठ के हालात से अवगत कराया। इस दौरान प्रभावित परिवार को मकान किराये के रूप में दी जा रही चार हजार रुपये की राशि को 20 हजार रुपये किए जाने की मांग की गई।
प्रतिनिधिमंडल ने आरोप लगाया कि आपदा राहत कार्यों में सरकार की ओर से लापरवाही बरती जा रही है। इस संबंध में उन्होंने राज्यपाल को ज्ञापन भी सौंपा। ज्ञापन में प्रीतम ने लिखा है कि सात जनवरी को उन्होंने जोशीमठ का दौरा किया। इस दौरान वह आपदा प्रभावितों से मिले और उनकी समस्याएं सुनीं। उन्होंने कहा कि वहां लगातार हो रहे भू-धंसाव से लोगों में दहशत है। लोगों के आवासीय और व्यावसायिक भवनों का नुकसान हुआ है। सरकार की ओर से उन्हें अब तक कोई सहायता राशि नहीं दी गई है। यहां तक कि आपदा के समय दी जानी वाली धनराशि भी नहीं दी गई है। विभिन्न शिविरों में ठहराए गए लोगों के लिए खाने-पीने की कोई व्यवस्था नहीं की गई है।
उन्होंने प्रभावितों के क्षतिग्रस्त भवनों एवं व्यापारिक प्रतिष्ठानों का उचित मुआवजा दिए जाने और प्रभावित लोगों का सुरक्षित स्थानों पर विस्थापित किए जाने की भी मांग की है। उन्होंने नगर को पुन: पुराने स्वरूप में लाने के लिए वैज्ञानिकों से परामर्श के बाद त्वरित गति से कार्य करने का अनुरोध किया। इसके साथ ही आपदाग्रस्त क्षेत्रों में आ रही समस्याओं के तत्काल समाधान के लिए सरकार को निर्देशित करने का अनुरोध किया। प्रतिनिधिमंडल में विधायक द्वाराहाट मदन सिंह बिष्ट, पूर्व विधायक विजयपाल सजवाण, राजकुमार, लालचंद शर्मा, गौरव चौधरी, राजेंद्र शाह, हरिकृष्ण भट्ट, अश्वनी बहुगुणा आदि शामिल थे।