JPSC PT में शामिल अभ्यर्थियों पर प्राथमिकी दर्ज

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रांची : झारखंड लोक सेवा आयोग (जेपीएससी) द्वारा रविवार को आयोजित 11वीं सिविल सेवा पीटी में किसी भी जिला में प्रश्न पत्र लीक नहीं हुआ है. प्रश्न पत्र पैकेट केंद्राधीक्षक के समक्ष ही मजिस्ट्रेट, अभ्यर्थी की मौजूदगी में वीडियोग्राफी के साथ समय पर ही खोला गया है. आयोग द्वारा सभी जिलों के उपायुक्त से मांगी गयी रिपोर्ट में इसका जिक्र किया गया है. जबकि जामताड़ा के उपायुक्त द्वारा भेजी गयी रिपोर्ट से खुलासा हुआ है कि मिहिजाम स्थित जेजेएस इंटर कॉलेज व जेजेएस डिग्री कॉलेज परीक्षा केंद्र पर चार परीक्षार्थी परीक्षा शुरू होने के कुछ ही देर बाद प्रश्न पत्र लेकर भाग गये थे. उपायुक्त ने इस मामले में संबंधित परीक्षार्थी सहित इसमें शामिल अन्य दोषी लोगों को चिह्नित करने के बाद प्राथमिकी दर्ज करा दी है.

जामताड़ा उपायुक्त द्वारा गठित एसआइटी ने वायरल वीडियो में प्रश्न पत्र व ओएमआर शीट के साथ शामिल युवकों की तलाश भी शुरू कर दी है. बताया गया कि जेजेएस इंटर कॉलेज मिहिजाम में 160 अभ्यर्थी को परीक्षा में शामिल होना था, लेकिन मात्र 60 अभ्यर्थी ही उपस्थित हुए. इसी प्रकार जेजेएस डिग्री कॉलेज मिहिजाम में कुल 204 अभ्यर्थियों में से 67 अभ्यर्थी ही परीक्षा में उपस्थित हुए. इधर जेपीएससी ने राज्य के डीजीपी को पत्र लिख कर सिविल सेवा पीटी मामले में अफवाह फैलानेवालों पर नियमानुसार सख्त कार्रवाई करने के लिए कहा है. ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति नहीं हो.

मिहिजाम प्रश्न पत्र लीक मामले में दो प्राथमिकी दर्ज

जेपीएससी परीक्षा का प्रश्न पत्र लीक होने का आरोप व वीडियाे वायरल मामले में परीक्षार्थियों के खिलाफ षड्यंत्र कर परीक्षा बाधित करना एवं सरकारी काम में बाधा डालने का मिहिजाम थाना में दो अलग -अलग मामला दर्ज किया गया है. पहला मामला जेजेएस डिग्री कॉलेज मिहिजाम में दंडाधिकारी के रूप में तैनात कार्यपालक दंडाधिकारी एजाज हुसैन अंसारी के बयान पर दर्ज हुआ है. इसमें एक परीक्षार्थी व अन्य अज्ञात 50 अज्ञात के खिलाफ केस दर्ज किया गया है. दूसरा मामला जेजेएस इंटर कॉलेज मिहिजाम में तैनात दंडाधिकारी सह करमाटांड़ सीओ रामप्रवेश कुमार के बयान पर दर्ज किया गया है. इसमें 20 परीक्षार्थियों को नामजद आरोपी बनाया गया है. इन सभी पर षडयंत्र कर परीक्षा बाधित करने एवं सरकारी कार्य में बाधा पहुंचाने के आरोप लगाया गया है. उपायुक्त कुमुद सहाय ने बताया कि वायरल वीडियाे मामले में तकनीकी जांच करायी जायेगी.

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