Kangra News: छह रंगों के 50 हजार ट्यूलिप फूलों के बल्ब तैयार करेगा सीएसआईआर, आर्थिकी होगी मजबूत

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Six colour 50 thousand Tulip Flower Bulbs will be distributed to farmers by CSIR Palampur

ट्यूलिप गार्डन पालमपुर
– फोटो : संवाद

विस्तार


हिमाचल और जम्मू कश्मीर के लेह लद्दाख के किसानों की फूलों से आर्थिकी मजबूत करने के लिए काउंसिल ऑफ सांइटिफिक एंड इंडिस्ट्रयल रिसर्च (सीएसआईआर) संस्थान पालमपुर ने तैयारी कर ली है। संस्थान जल्द ही एक बड़े ट्यूलिप गार्डन में फूलों के बीज की खेती करेगा। आने वाले दिनों में बीज हिमाचल और लेह लद्दाख के किसानों को भेजा जाएगा। सीएसआईआर इस बार अलग-अलग किस्मों के फूलों के करीब पचास हजार बल्ब तैयार करेगा, जो आने वाले दिनों में किसानों की आर्थिकी मजबूत करेंगे।

सीएसआईआर पालमपुर दो सालों से ट्यूलिप गार्डन में फूलों के बीज की खेती कर रहा है। फूलों के बीज तैयार करने के साथ ट्यूलिप गार्डन आकर्षण का केंद्र बन रहा है। इसमें आने वाले साल में संस्थान का करीब एक लाख लोगों के ट्यूलिप गार्डन देखने का अंदाजा है। हालांकि, इसे देखना का कोई शुल्क नहीं लिया जाता है। लोग इससे फूलों के खेती के लिए आकर्षित होते हैं जो संस्थान की एक बड़ी उपलब्धि है।

सीएसआईआर की मानें तो ट्यूलिप गार्डन में इस बार लाल, पीले, सफेद, गुलाबी, मैजेंटा और संतरी रंग की छह किस्मों के फूलों के बीज लगाए जाएंगे। इससे तैयार होने वाला यह बीज लेह, लद्दाख, कारगिल, थुनाग (मंडी) और लाहौल में किसानों के लिए भेजा जाएगा। इसका कारण यह जगह फूलों की खेती के लिए अच्छी मानी गई है और इसके परिणाम काफी अच्छे रहे हैं।

जो किसानों की आर्थिक मजबूत करने में मदद करेगा। सीएसआईआर के फूल विभाग के प्रभारी डाॅ. भव्य भार्गव का कहना है कि इस बार सीएसआईआर के ट्यूलिप गार्डन में पचास हजार फूलों का बीज तैयार किया जाएगा। जो अलग-अलग किस्मों का होगा। संस्थान ने इसकी तैयारी कर ली है।

फूलों से मजबूत हो रही आर्थिकी : निदेशक

सीएसआईआर के निदेशक डॉ. सुदेश कुमार यादव ने बताया कि संस्थान किसानों की फूलों की खेती में आर्थिकी काफी मजबूत कर रहा है। ट्यूलिप गार्डन से काफी अच्छे परिणाम आए हैं। जिससे किसानों को काफी लाभ हो रहा है। कहा कि ट्यूलिप गार्डन से लोगों में फूलों की खेती का रुझान बढ़ रहा है।

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