Kanjhawala Case: भाजपा ने केजरीवाल पर लगाए आरोप, तो AAP ने दिल्ली की कानून व्यवस्था को ठहराया जिम्मेदार

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Kanjhawala Case: पुलिस की गिरफ्त में पांचों आरोपी

Kanjhawala Case: पुलिस की गिरफ्त में पांचों आरोपी
– फोटो : अमर उजाला (फाइल फोटो)

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बाहरी दिल्ली के सुल्तानपुरी के कंझावला इलाके में 31 दिसंबर की देर रात एक युवती की हुई दर्दनाक हत्या के मामले में राजनीति गरमा गई है। भाजपा ने इस घटना के लिए दिल्ली सरकार की शराब नीति को जिम्मेदार ठहराया है। पार्टी ने कहा है कि दिल्ली सरकार को इस मामले में राजनीति करने की बजाय फास्ट ट्रैक कोर्ट का गठन कर आरोपियों को तत्काल सजा दिलानी चाहिए। वहीं, आम आदमी पार्टी ने भाजपा पर आरोपियों को बचाने का आरोप लगाया है।

भाजपा नेता आशीष सूद ने अमर उजाला से कहा कि इस तरह की दर्दनाक और शर्मनाक घटना पर किसी तरह की राजनीति नहीं की जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि किसी भी घटना के आरोपी का बचाव करने का कोई सवाल ही पैदा नहीं होता। यदि कोई व्यक्ति किसी अपराध में लिप्त पाया जाता है, तो उसके खिलाफ तत्काल कानून सम्मत कार्रवाई की जानी चाहिए और उसे कठोरतम सजा दी जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि इस मामले पर राजनीति करने की बजाय अरविंद केजरीवाल सरकार को इस मामले को तत्काल फास्ट ट्रैक कोर्ट का गठन कर इसमें मामले की सुनवाई करानी चाहिए, जिससे पीड़ित परिवार को जल्द से जल्द न्याय प्रदान कराया जा सके।

उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश में इसी तरह की एक घटना घटी थी। उस मामले में सरकार ने तत्काल कार्रवाई की और मामले को फास्ट ट्रैक कोर्ट में डाला। इसका परिणाम हुआ कि केवल 14 दिन के अंदर आरोपियों को सजा दी जा सकी। उन्होंने कहा कि केजरीवाल सरकार को मध्यप्रदेश से सीख लेते हुए इस मामले के पीड़ितों को जल्द से जल्द न्याय दिलाने की कोशिश करनी चाहिए।

‘घटना के लिए केजरीवाल की शराब नीति जिम्मेदार’

दिल्ली भाजपा नेता कपिल मिश्रा ने पीड़ित परिवार से मुलाकात की है और उन्हें जल्द से जल्द हर संभव मदद करने का आश्वासन भी दिया है। कपिल मिश्रा ने गुरुवार को एक ट्वीट कर इस कांड के लिए दिल्ली सरकार की शराब नीति को जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने कहा कि अब तक की जांच से यह स्पष्ट हो गया है कि मामले के सभी आरोपियों ने शराब पी रखी थी। दिल्ली सरकार ने राजधानी में जगह-जगह शराब की दुकानें खोल दी हैं, जिससे इस तरह के अपराध बढ़ रहे हैं।

आरोपियों को बचा रही भाजपा

आम आदमी पार्टी नेता सौरभ भारद्वाज ने इस शर्मनाक घटना पर अफसोस जाहिर किया है। उन्होंने कहा कि दिल्ली में पुलिस व्यवस्था केंद्र सरकार के हाथ में है। दिल्ली पुलिस नागरिकों की सुरक्षा करने की बजाय केंद्र और भाजपा नेताओं को सुरक्षा देने में व्यस्त रहती है। उन्होंने आरोप लगाया कि यही कारण है कि दिल्ली में बार-बार इस तरह की घटना होने के बाद भी पुलिस इन्हें रोक पाने में नाकाम रहती है।

आप नेता आतिशी मार्लेना ने भाजपा पर घटना के आरोपियों को बचाने का आरोप लगाया। उन्होंने प्रेस कांफ्रेंस कर कहा कि यह साफ हो चुका है कि इस घटना का एक आरोपी भाजपा का सक्रिय कार्यकर्ता था। यही कारण है कि भाजपा इस घटना के आरोपियों को बचाने की कोशिश कर रही है। उन्होंने कहा कि इस घटना में लड़की की दर्दनाक मौत होने के बाद भी पुलिस ने बेहद हल्की धाराओं में केस दर्ज कर यह साफ कर दिया है कि वह पीड़िता को न्याय दिलाने की बजाय आरोपियों को बचाने के लिए काम कर रही है।

अब चुप क्यों हैं केजरीवाल

कांग्रेस नेता रितु चौधरी ने कहा कि दिल्ली में आज उन्हीं अरविंद केजरीवाल की सरकार है, जो कभी यह कहा करते थे कि किसी प्रदेश का मुख्यमंत्री इतना मजबूर नहीं हो सकता। कांग्रेस की सरकार में कोई घटना होने पर वे सीधे मुख्यमंत्री का इस्तीफा मांगने आ जाते थे। लेकिन आज जब दिल्ली में इतनी शर्मनाक घटना घटी है, वे पीड़ित परिवार से मिलने तक नहीं पहुंच सके हैं। यह शर्मनाक है।

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बाहरी दिल्ली के सुल्तानपुरी के कंझावला इलाके में 31 दिसंबर की देर रात एक युवती की हुई दर्दनाक हत्या के मामले में राजनीति गरमा गई है। भाजपा ने इस घटना के लिए दिल्ली सरकार की शराब नीति को जिम्मेदार ठहराया है। पार्टी ने कहा है कि दिल्ली सरकार को इस मामले में राजनीति करने की बजाय फास्ट ट्रैक कोर्ट का गठन कर आरोपियों को तत्काल सजा दिलानी चाहिए। वहीं, आम आदमी पार्टी ने भाजपा पर आरोपियों को बचाने का आरोप लगाया है।

भाजपा नेता आशीष सूद ने अमर उजाला से कहा कि इस तरह की दर्दनाक और शर्मनाक घटना पर किसी तरह की राजनीति नहीं की जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि किसी भी घटना के आरोपी का बचाव करने का कोई सवाल ही पैदा नहीं होता। यदि कोई व्यक्ति किसी अपराध में लिप्त पाया जाता है, तो उसके खिलाफ तत्काल कानून सम्मत कार्रवाई की जानी चाहिए और उसे कठोरतम सजा दी जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि इस मामले पर राजनीति करने की बजाय अरविंद केजरीवाल सरकार को इस मामले को तत्काल फास्ट ट्रैक कोर्ट का गठन कर इसमें मामले की सुनवाई करानी चाहिए, जिससे पीड़ित परिवार को जल्द से जल्द न्याय प्रदान कराया जा सके।

उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश में इसी तरह की एक घटना घटी थी। उस मामले में सरकार ने तत्काल कार्रवाई की और मामले को फास्ट ट्रैक कोर्ट में डाला। इसका परिणाम हुआ कि केवल 14 दिन के अंदर आरोपियों को सजा दी जा सकी। उन्होंने कहा कि केजरीवाल सरकार को मध्यप्रदेश से सीख लेते हुए इस मामले के पीड़ितों को जल्द से जल्द न्याय दिलाने की कोशिश करनी चाहिए।

‘घटना के लिए केजरीवाल की शराब नीति जिम्मेदार’

दिल्ली भाजपा नेता कपिल मिश्रा ने पीड़ित परिवार से मुलाकात की है और उन्हें जल्द से जल्द हर संभव मदद करने का आश्वासन भी दिया है। कपिल मिश्रा ने गुरुवार को एक ट्वीट कर इस कांड के लिए दिल्ली सरकार की शराब नीति को जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने कहा कि अब तक की जांच से यह स्पष्ट हो गया है कि मामले के सभी आरोपियों ने शराब पी रखी थी। दिल्ली सरकार ने राजधानी में जगह-जगह शराब की दुकानें खोल दी हैं, जिससे इस तरह के अपराध बढ़ रहे हैं।

आरोपियों को बचा रही भाजपा

आम आदमी पार्टी नेता सौरभ भारद्वाज ने इस शर्मनाक घटना पर अफसोस जाहिर किया है। उन्होंने कहा कि दिल्ली में पुलिस व्यवस्था केंद्र सरकार के हाथ में है। दिल्ली पुलिस नागरिकों की सुरक्षा करने की बजाय केंद्र और भाजपा नेताओं को सुरक्षा देने में व्यस्त रहती है। उन्होंने आरोप लगाया कि यही कारण है कि दिल्ली में बार-बार इस तरह की घटना होने के बाद भी पुलिस इन्हें रोक पाने में नाकाम रहती है।

आप नेता आतिशी मार्लेना ने भाजपा पर घटना के आरोपियों को बचाने का आरोप लगाया। उन्होंने प्रेस कांफ्रेंस कर कहा कि यह साफ हो चुका है कि इस घटना का एक आरोपी भाजपा का सक्रिय कार्यकर्ता था। यही कारण है कि भाजपा इस घटना के आरोपियों को बचाने की कोशिश कर रही है। उन्होंने कहा कि इस घटना में लड़की की दर्दनाक मौत होने के बाद भी पुलिस ने बेहद हल्की धाराओं में केस दर्ज कर यह साफ कर दिया है कि वह पीड़िता को न्याय दिलाने की बजाय आरोपियों को बचाने के लिए काम कर रही है।

अब चुप क्यों हैं केजरीवाल

कांग्रेस नेता रितु चौधरी ने कहा कि दिल्ली में आज उन्हीं अरविंद केजरीवाल की सरकार है, जो कभी यह कहा करते थे कि किसी प्रदेश का मुख्यमंत्री इतना मजबूर नहीं हो सकता। कांग्रेस की सरकार में कोई घटना होने पर वे सीधे मुख्यमंत्री का इस्तीफा मांगने आ जाते थे। लेकिन आज जब दिल्ली में इतनी शर्मनाक घटना घटी है, वे पीड़ित परिवार से मिलने तक नहीं पहुंच सके हैं। यह शर्मनाक है।



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