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कन्नौज द्वार
– फोटो : अमर उजाला
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इत्र और इतिहास की नगरी कन्नौज में संसदीय चुनाव से जुड़ी कई दिलचस्प यादें जुड़ी हैं। यहां न सिर्फ पसंद के उम्मीदवार को बड़े अंतर से जीत मिलती रही है, बल्कि कई बार तो सीधी टक्कर में उम्मीदवारों के बीच जोरदार लड़ाई हुई है। पहले ही चुनाव में हुआ कांटे का मुकाबला अब तक लोगों के दिलों में है, जब सोशलिस्ट पार्टी के डॉ. राम मनोहर लोहिया ने कांग्रेस के उम्मीदवार सत्य नारायण मिश्र को सिर्फ 472 वोटों से हराया था।
कन्नौज संसदीय सीट के लिए वर्ष 1967 से वर्ष 2019 के बीच कुल 16 बार लोकसभा चुनाव हो चुका है। इसमें वर्ष 2000 और 2012 में हुआ उपचुनाव भी शामिल है। यहां के सभी चुनाव में पहले ही चुनाव में कांटे का मुकाबला हुआ था। नई बनी सीट पर दावा जताने के लिए बड़े समाजवादी नेता और तत्कालीन सरकार की नीतियों के आलोचक डॉ. राम मनोहर लोहिया ने यहां से दावा किया था। उनके सामने कांग्रेस ने प्रयागराज के वरिष्ठ नेता सत्यनारायण मिश्र को मुकाबले में उतारा था।
अपनी सादगी भरे अंदाज से गांव-गांव जाकर डॉ. लोहिया ने माहौल को अपने पक्ष में कर लिया। हालांकि चुनाव आसान नहीं रहा। पहले चुनाव में कुल 294581 वोट पड़े थे। गिनती के दौरान 283423 वोट वैध पाए गए थे। उसमें से डॉ. राम मनोहर लोहिया के हिस्से में 93578 वोट आए थे। उनके निटकतम प्रतिद्वंदी कांग्रेस के सत्यनाराय मिश्र को सिर्फ 93106 वोट ही मिले। दोनों के बीच कांटे के मुकाबले में जीत-हार का अंतर सिर्फ 472 वोटों का रहा था। उसके बाद उस तरक कांटे का मुकाबला फिर देखने को नहीं मिला। हर बार जीत का अंतर बढ़ता ही गया।
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