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कोर्ट में पेशी पर पहुंचे रिजवान सोलंकी
– फोटो : अमर उजाला
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कानपुर के जाजमऊ आगजनी मामले में आरोपी सपा विधायक इरफान सोलंकी को लोकसभा चुनाव के मद्देनजर पेशी पर कोर्ट नहीं लाया जा सका। कोर्ट का फैसला भी एक बार फिर टल गया है। एमपीएमएलए सेशन कोर्ट के विशेष न्यायाधीश सत्येंद्र नाथ त्रिपाठी ने अब 20 अप्रैल की तारीख नियत की गई है।
जाजमऊ की डिफेंस कॉलोनी में स्थित एक प्लाट में रहने वाली नजीर फातिमा के घर में 7 नवंबर 2022 को आग लग गई थी। मामले में इरफान, रिजवान, मो. शरीफ, शौकत अली व इजराइल आटे वाला के खिलाफ मुकदमे की सुनवाई चल रही थी। इरफान के अलावा रिजवान, शौकत अली व इसराइल आटे वाला कानपुर जेल में ही बंद हैं। जबकि जमानत मिलने के बाद मोहम्मद शरीफ की जेल से रिहाई हो चुकी है। अभियोजन और बचाव पक्ष की बहस 1 मार्च को पूरी हो गई थी। इसके बाद कोर्ट ने फैसले के लिए 14 मार्च की तारीख नियत की थी।
14 को शरीफ और शौकत को नई जमानतें दाखिल करने के लिए समय दिया गया था और 19 मार्च की तारीख नियत कर दी गई थी। 19 मार्च को न्यायाधीश के अवकाश पर होने के कारण फैसला टल गया था और 22 मार्च की तारीख फैसले के लिए नियत की गई थी। बहस सुनने के बाद 14 दिन में फैसला न सुना पाने के कारण फाइल दोबारा बहस पर चली गई थी और 22 मार्च को कोर्ट ने दोनों पक्षों की दोबारा संक्षिप्त बहस सुनकर फैसले के लिए 28 मार्च की तारीख नियत की थी। 28 मार्च को अदालत ने आदेश पूरा न लिखे जा पाने के कारण फैसले के लिए 4 अप्रैल की तारीख नियत कर दी थी। 4 अप्रैल को कुछ बिंदुओं पर स्पष्टीकरण के लिए कोर्ट ने 6 अप्रैल की तारीख नियत कर दी थी। 6 अप्रैल को चार बिंदुओं पर अभियोजन और बचाव पक्ष दोनों से स्पष्टीकरण मांगने के बाद बहस सुनकर कोर्ट ने फैसले के लिए 15 अप्रैल की तारीख तय की थी। डीजीसी दिलीप अवस्थी ने बताया कि अपरिहार्य कारणों से फैसला आज फिर टल गया है। अब कोर्ट ने 20 अप्रैल की तारीख नियत की है।
अधिवक्ता शिवाकांत दीक्षित ने बताया कि महाराजगंज जेल में बंद इरफान को फैसले के लिए तलब किया गया था लेकिन पुलिस इरफान को कोर्ट नहीं ला सकी जिस कारण वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से इरफान की पेशी की गई जबकि रिजवान व अन्य आरोपी कोर्ट में पेश हुए और जमानत पर जेल से बाहर शरीफ भी फैसला सुनने के लिए कोर्ट पहुंचा।
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