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अहमद की फाइल फोटो
– फोटो : अमर उजाला
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डॉक्टर साहब! कफन खोलो.. हमारा लाडला जिंदा है.. हमें यकीन है। उसके शरीर पर हमने हरकत देखी है…वह सांस ले रहा है… यह कहते हुए पोस्टमार्टम हाउस में रो रही कानपुर के मेहरबान सिंह का पुरवा पिपौरी निवासी बदरुनिशां बेटे का कफन खोल रहीं थीं। उनकी बातों में सच्चाई देख परिजन अहमद (23) को हैलट ले गए।
यहां काफी जद्दोजहद के बाद डॉक्टर ने परिजनों की संतुष्टि के लिए उसे बेड पर लिटा दिया। हर आधे घंटे में कराई गई ईसीजी में जब कोई प्रतिक्रिया नहीं आई तो डॉक्टरों ने परिजनों को समझाया कि आपका अहमद दुनिया से रुखसत ले चुका है। गम में डूबे परिजनों को तब भी बड़ी मुश्किल से यकीन हुआ कि वह दुनिया छोड़ चुका है तब वह शव ले गए। दरअसल, अहमद रविवार रात बड़े भाई अफजल और गांव के ही लोडर चालक राघवेंद्र के साथ फतेहपुर से लोडर में बैठकर लौट रहा था।
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