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इरफान सोलंकी
– फोटो : अमर उजाला
विस्तार
सुनवाई के लिए सपा विधायक इरफान सोलंकी को महाराजगंज जेल से कानपुर लाया गया है। जाजमऊ आगजनी कांड में सोमवार को एमपी एमएलए सेशन कोर्ट के विशेष न्यायाधीश सत्येंद्र नाथ त्रिपाठी की अदालत में सुनवाई होनी थी। अधिवक्ताओं ने आज न्यायिक कार्य बहिष्कार की घोषणा की है। इसके चलते सुरक्षा की दृष्टि से इरफान को सुबह लगभग 10:00 बजे ही महाराजगंज जेल से लाकर कोर्ट में पेश कर दिया गया।
अधिवक्ता गौरव दीक्षित ने बताया कि इरफान की ओर से रमजान माह का हवाला देते हुए वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से ही पेशी कराने के लिए कोर्ट में एक अर्जी दी गई है। एडीजीसी भास्कर मिश्रा ने बताया कि मुकदमे की वादिनी नजीर फातिमा कोर्ट में गवाही देने के लिए मौजूद थी लेकिन अधिवक्ताओं की हड़ताल के चलते आज गवाही न कराने के लिए बचाव पक्ष की ओर से अर्जी दी गई थी जिस पर कोर्ट ने गवाही के लिए 23 मार्च की तारीख नियत कर दी है। वकीलों की नारेबाजी और हंगामे के चलते पेशी के तत्काल बाद इरफान को लगभग 11:30 बजे कड़ी सुरक्षा में महाराजगंज जेल के लिए वापस भेज दिया गया।
आदमी नहीं जानवर हैं हम, पेशाब तक नहीं करने देते
इरफान को रविवार देर रात लगभग दो बजे महाराजगंज जेल से कानपुर रवाना किया गया। इरफान को कोर्ट पहुंचने तक लगभग 8 घंटे का सफर तय करना था। कानपुर में अधिवक्ताओं की हड़ताल की सूचना भी थी। लगभग 11:00 बजे तक अधिवक्ताओं का हुजूम कचहरी पहुंचता है। पुलिस प्रशासन की मंशा इसके पहले ही इरफान की पेशी कोर्ट में करा देने की थी, जिसके चलते इरफान को सुबह लगभग 10 बजे ही कोर्ट में लाकर खड़ा कर दिया गया। पेशी पर जाने से पहले इरफान ने मीडिया कर्मियों से बात करते हुए कहा कि आदमी नहीं जानवर हैं हम, पेशाब तक नहीं करने देते ये लोग।
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