[ad_1]

गर्मी का सितम
– फोटो : अमर उजाला
विस्तार
जलवायु परिवर्तन का असर दिखना शुरू हो गया है। देश के कई स्थानों की तरह कानपुर भी वेट-बल्ब टेंपरेचर की चपेट में आ गया है। ऐसा पहली बार हो रहा है कि जब तापमान और नमी अपनी उस सीमा को से ज्यादा हो गई है, जिसे मनुष्य बर्दाश्त कर पाता है। ऐसी स्थिति में पसीना निकलता तो है मगर वाष्पीकरण न हो पाने के कारण उससे शरीर को ठंडक नहीं मिलती।
यह स्थिति खतरनाक होती है और इंसान में बेचैनी बढ़ जाती है और चक्कर आने लगते हैं। भारतीय मौसम विज्ञान (आईएमडी) विभाग की ओर से मंगलवार को इस संबंध में चेतावनी जारी की है। यह जानकारी चंद्रशेखर आजाद कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के मौसम विभाग प्रमुख डॉ. एसएन पांडेय की ओर से दी गई। डॉ. पांडेय के अनुसार मौसम के जो पूर्वानुमान सामने आ रहे हैं, उसके अनुसार आने वाले दिनों में तापमान लंबे समय तक 40 से 50 डिग्री के बीच रहने की संभावना है। इसके साथ ही नमी भी उसी अनुपात में बढ़ सकती है। मंगलवार को भी ऐसी ही स्थिति रही।
[ad_2]
Source link