Kathua Rape Case: कठुआ सामूहिक दुष्कर्म एवं हत्या का आठवां आरोपी पठानकोट अदालत में पेश

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Kathua Rape Case: Eighth accused of Kathua gang rape and murder presented in Pathankot court

कठुआ दुष्कर्म केस
– फोटो : अमर उजाला

विस्तार

कठुआ सामूहिक दुष्कर्म एवं हत्याकांड की सुनवाई एक बार फिर पठानकोट की अदालत में शुरू हुई। शनिवार को आठवें आरोपी शुभम सांगरा को पेश किया गया। जहां जिला एवं सेशन अदालत ने सुनवाई के लिए 21 जून निर्धारित किया है। बता दें, 2018 में जम्मू-कश्मीर के कठुआ के रसाना में नाबालिग से हुए सामूहिक दुष्कर्म और हत्याकांड के मामले में नामजद 6 आरोपियों को सजा सुनाई जा चुकी है। सबूतों के आभाव में एक को बरी कर दिया गया था।

आठवें आरोपी शुभम सांगरा को तब नाबालिग बताया गया था। लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने अब उसे बालिग करार दिया, जिसके बाद उसका पठानकोट की जिला अदालत में ट्रायल शुरू हो गया है। शनिवार को जम्मू-कश्मीर पुलिस की ओर से शुभम सांगरा को अदालत में पेश किया गया। शुभम की ओर से अधिवक्ता अंकुर शर्मा भी अदालत में पहुंचे। बताया जा रहा है कि शुभम की पहली पेशी 7 जून को हुई थी, लेकिन जिला एवं सेशन जज के उपलब्ध न होने से 17 जून निर्धारित की गई थी।

बता दें, अदालत में ग्रीष्मकालीन अवकाश चल रहे हैं। ऐसे में विशेषज्ञों का कहना है कि 1 जुलाई से मामले की सुनवाई सही मायनों में शुरू हो पाएगी।

सुप्रीम कोर्ट के फैसले से आरोपी का परिवार नाखुश, रिव्यू पिटीशन की तैयारी

जम्मू-कश्मीर हाईकोर्ट ने शुभम सांगरा को नाबालिग करार दिया था। सुप्रीम कोर्ट की दखल के बाद नवंबर 2022 में शुभम को बालिग करार दिया गया और पठानकोट में ट्रायल शुरू किया गया। शुभम के वकील अंकुर शर्मा का कहना है कि परिवार शीर्ष अदालत के इस फैसले से नाखुश है और इस मामले को लेकर शीर्ष अदालत में रिव्यू पिटीशन फाइल कर सकते हैं। पहले की तरह इस मामले की रोज सुनवाई नहीं होगी। इसलिए, यह केस लंबा खिंच सकता है।

क्या है मामला

– कठुआ के रसाना में 8 साल की बच्ची 10 जनवरी 2018 को गुम हुई थी और 17 जनवरी को उसका शव मिला था।

– जम्मू और कश्मीर सरकार ने 23 जनवरी 2018 को मामले की जांच राज्य पुलिस की क्राइम ब्रांच को सौंपी थी।

– क्राइम ब्रांच ने 10 फरवरी 2018 को एक आरोपी दीपक खजुरिया को गिरफ्तार किया।

– 10 अप्रैल 2018 को क्राइम ब्रांच ने कठुआ की एक अदालत में आरोप-पत्र दाखिल किया था।

-कठुआ के कई वकीलों ने अदालत के बाहर हंगामा किया और पुलिस को आरोप पत्र दाखिल करने से रोकने की कोशिश की थी।

– आरोप-पत्र दाखिल होने के बाद अदालत ने मामले की सुनवाई के लिए 18 अप्रैल 2018 की तारीख तय की थी।

– आरोप-पत्र में लिखा था कि पहले बच्ची का अपहरण किया, फिर नशीली दवाएं खिला कई दिन तक सामूहिक दुष्कर्म किया गया।

– बच्ची को कई दिन तक एक धार्मिक स्थल पर बंधक बनाकर रखा और बाद में हत्या कर दी गई।

– 16 जनवरी 2018 को ””हिंदू एकता मंच”” नाम के एक संगठन ने कठुआ में वकीलों के समर्थन में रैली निकाली।

– 5 अप्रैल 2018 को इस पूरी घटना के मुख्य अभियुक्त सांझी राम ने पुलिस के सामने आत्मसमर्पण कर दिया।

– 18 अप्रैल 2018 को पहली सुनवाई में क्राइम ब्रांच से कहा गया कि सभी आरोपियों को आरोप पत्र की कॉपी दी जाए।

– सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले पर 7 मई 2018 की तारीख दी थी। दरअसल, पीड़ित परिवार ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल कर केस का ट्रायल जम्मू और कश्मीर से बाहर कराने की मांग की थी। इसके बाद सुप्रीम कोर्ट ने मामले को पंजाब के पठानकोट में ट्रांसफर कर दिया था।

– 10 जून 2019 को मामले के तीन आरोपियों को उम्र कैद और तीन को 5-5 साल की सजा सुनाई गई।

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