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कपाट खुलने के दस दिन बाद शुक्रवार को केदारनाथ में सुबह से मौसम सुहावना बना रहा। प्रशासन व पुलिस की ओर से सुबह 6 बजे से श्रद्धालुओं को सोनप्रयाग से केदारनाथ के लिए भेजना शुरू किया गया। पहले जत्थे में 2806 श्रद्धालुओं को भेजा गया। इसके बाद पूर्वाह्न 11 बजे तक पांच हजार श्रद्धालु रवाना किए गए। अपराह्न 3:30 बज तक साढ़े नौ हजार श्रद्धालुओं को धाम भेजा गया जबकि शाम पांच बजे तक 3200 यात्री दर्शन कर सोनप्रयाग लौट चुके थे।
सहायक सेक्टर मजिस्ट्रेट संदीप नौडियाल ने बताया कि प्रशासन द्वारा यात्रियों को भेजने का अंतिम समय सुबह 9 बजे तय किया हुआ था लेकिन मौसम ठीक होने पर समय को बढ़ाकर 3:30 बजे तक किया गया।
वहीं, जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी नंदन सिंह रजवार ने बताया कि गौरीकुंड-केदारनाथ पैदल मार्ग पर भैरव गदेरा व कुबेर गदेरा हिमखंड जोन पर बर्फ को साफ कर सुरक्षित आवाजाही कराई जा रही है। साथ ही यात्री बर्फ में न फिसलें, इसके लिए यहां रस्सी भी लगाई गई।
उन्होंने बताया कि प्रभावित क्षेत्र में एसडीआरएफ, डीडीआरएफ, यात्रा मैनेजमेंट फोर्स और पुलिस के जवान बच्चों, बुजुर्ग और महिलाओं को हाथ पकड़ कर रास्ता पार करा रहे हैं। उन्होंने बताया कि बारिश व बर्फबारी के कारण पैदल मार्ग पर हिमखंड जोन व रुद्रा प्वाइंट में कीचड़ भी हो रखा है, जहां पर सुरक्षा के उचित इंतजाम किए जा रहे हैं।
सीएमओ डॉ. हरीश चंद्र सिंह मातोर्लिया ने बताया कि शुक्रवार को कुल 997 श्रद्धालुओं के स्वास्थ्य की जांच की गई। सोनप्रयाग, गौरीकुंड सहित पैदल पड़ावों व धाम में चिकित्सकीय दल द्वारा यात्रियों की मदद की गई। इस दौरान 33 यात्रियों को ऑक्सीजन मुहैया कराया गया। उन्होंने बताया कि कपाट खुलने के बाद से केदारनाथ यात्रा में कुल 11720 यात्रियों के स्वास्थ्य की जांच की जा चुकी है।
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