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डीडीएम (जिला आपदा प्रबंधन) के अधिशासी अभियंता प्रवीण कर्णवाल ने बताया कि लिनचोली से केदारनाथ तक तीन फीट तक नई बर्फ जमी है। पैदल मार्ग पर जहां पूर्व में बर्फ हटाई गई थी वहां पुन: बर्फ जम गई है। उन्होंने बताया कि हिमखंड जोन पर रास्ते को और अधिक चौड़ा किया जाएगा।
यात्रा के दौरान इन स्थानों पर यात्रियों की सुरक्षा के लिए बैरीकेडिंग की जा सकती है, जिससे पहाड़ी क्षेत्रों से पत्थर आदि सीधे रास्ते में न गिरे। उन्होंने बताया कि मौसम ठीक रहा तो बृहस्पतिवार से केदारनाथ हेलीपैड सहित अन्य स्थानों से बर्फ हटाई जाएगी।
जल संस्थान के ईई संजय सिंह ने बताया कि मौसम में सुधार होते ही पैदल मार्ग पर पेयजल लाइन के काम को पुन: शुरू कर दिया गया है।
इस बार चारधाम यात्रा की शुरुआत 22 अप्रैल से होगी। देश-दुनिया से आने वाले तीर्थयात्रियों की यात्रा को सुगम बनाने के लिए सरकार तैयारियों में जुटी है। सरकार को उम्मीद है कि चारधाम यात्रा में आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या एक नया रिकॉर्ड बनाएगी।
चारधाम यात्रा के लिए अब तक दो लाख श्रद्धालु पंजीकरण करा चुके हैं। केदारनाथ के लिए 1.12 लाख और बदरीनाथ के लिए 92 हजार तीर्थयात्रियों ने पंजीकरण कराया है।
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पर्यटन विभाग के उप निदेशक योगेंद्र गंगवार ने बताया कि 21 फरवरी को चारधाम यात्रा के लिए पंजीकरण शुरू किया गया था।
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