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खरमास 2023
– फोटो : गूगल
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सूर्य के राशि परिवर्तन के साथ ही 14 अप्रैल को खरमास समाप्त हो जाएगा। सूर्य मीन राशि से निकलकर मेष राशि में प्रवेश करेंगे। साथ ही सतुआ संक्रांति का पर्व मनाया जाएगा। ग्रहों के योग के फलस्वरूप द्वादश राशियों के साथ ही विश्वपटल पर मेष राशि के सूर्य का प्रभाव देखने को मिलेगा। खरमास समाप्त होने के बाद भी मांगलिक कार्यों पर विराम रहेगा।
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ज्योतिषाचार्य विमल जैन ने बताया कि 14 अप्रैल को दिन में 2:57 बजे सूर्य मीन से अपनी उच्च राशि मेष में प्रवेश करेंगे। सूर्य 15 मई तक दिन में 11:45 बजे तक मेष राशि में ही रहेंगे। इस बार सूर्य, बुध और राहु की युति बन रही है। मेष राशि के सूर्य में आने से सतुआ संक्रांति का पर्व मनाया जाता है। इस दिन सत्तू ग्रहण करने और दान करने का विधान है। मेष संक्रांति का विशेष पुण्यकाल दिन में सुबह 10:57 बजे से सूर्यास्त तक रहेगा। सामान्य पुण्यकाल सुबह 8:33 बजे से सूर्यास्त तक रहेगा। इस काल में पुण्य प्राप्ति के लिए स्नान और दान किया जाता है। इस बार दो मई तक गुरु वृद्धत्व, बालत्व अस्त रहेगा। इसलिए तीन मई से मांगलिक कार्य आरंभ होंगे और 28 जून तक रहेंगे।
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