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लालकुर्ती पैठ में जूते की दुकान पर काम करने वाले शाहिद बेग पत्नी निशा बेग, बेटे मेराब (10) व बेटी कोनेन (6) के साथ रहते हैं। मेराब सेंट जोंस स्कूल में कक्षा तीन और कोनेन सेंट जोंस गर्ल्स स्कूल में कक्षा दो की छात्रा थी। बुधवार शाम 7:30 बजे भाई-बहन लापता हो गए थे।
खौफनाक है वारदात का घटनाक्रम
खैरनगर के मेराब और कोनेन की हत्या का घटनाक्रम बड़ा ही खौफनाक है। घटना वाले दिन बुधवार शाम 6:30 बजे शाहिद बेग के मकान पर उसकी पत्नी निशा, प्रेमी पूर्व पार्षद सऊद, पड़ोसी मुसर्रत (54) और कोसर (58) थी। मेराब घर के बाहर खेल रहा था, कोनेन बेड पर लेटी थी और निशा रसाई में थी। सऊद ने बच्ची को नशीला इंजेक्शन लगा दिया। मुसर्रत-कोसर ने हाथ पैर पकड़े और सऊद ने बच्ची के मुंह पर तकिया दबाकर मार डाला। बच्ची तड़पती रही और मां निशा रसोई में खड़ी होेकर देखती रही। सऊद बच्ची के शव को कपड़े में लपेटकर पड़ोसी मुसर्रत के घर गया। फिर वह निशा के घर आ गया।
मेराब को मारने से पहले पिता से मोबाइल पर कराई बात
बच्ची की हत्या के बाद निशा, सऊद व दोनोें महिलाओं ने साथ बैठकर चाय पी। चारों बातचीत करते रहे। शाम 7:20 बजे मेराब घर आया। वह मेराब को मारने की बात कर रहे थे, तभी निशा के मोबाइल पर शाहिद की कॉल आ गई। निशा ने फोन पर मेराब की बात शाहिद से करा दी। उसने पिता से खिलौना वाली ट्रेन लाने के लिए कहा। उसके बाद मेराब को लेकर सऊद मुसर्रत के घर चला गया। पीछे-पीछे मुसर्रत, कोसर भी आ गईं। करीब रात 8 बजे जादूगर ओपी शर्मा का जादू दिखाने की बात कहकर सऊद ने उसे इंजेक्शन लगा दिया।
पड़ोसन मुसर्रत-कोसर ने मेराब की हत्या में दिया साथ
मुसर्रत-कोसर ने मेराब के हाथ-पैर पकड़े और सऊद ने तकिये से मुंह दबाकर हत्या कर दी। चारों लोगों ने मिलकर बच्चों के शवों को दो कार्टून में रखा। सऊद ने फोन करके आरिफ और साद को बुलाया। शव रखे दोनों कार्टूनों को आरिफ और साद ने कार की डिग्गी में रखा। सरधना स्थित अटरेना गंगनहर के पुल पर पहुंचे और दोनों कार्टून से शवों को निकाकर नहर में फेंक दिया। उसके बाद वह घर आ गए।
हत्या से पहले मासूम बच्चों को हाथ-पैर बांधकर डाला गया था बेड के अंदर
पुलिस पूछताछ में यह भी सामने आया कि मां और बच्चों के रिश्ते तार-तार करने वाली इस घटना में हत्या से पहले सऊद फैजी और निशा ने दोनों बच्चों के हाथ-पैर बांधकर बेड के बॉक्स में डाल दिए थे। हालत बिगड़ने पर दोनों को बाहर निकाला और नशे के इंजेक्शन लगा दिए। बाद में उनकी गला दबाकर हत्या कर दी। यही नहीं, पूर्व पार्षद बच्चों के शव गंगनहर में फेंकने के लिए अपनी कार की डिग्गी में रखकर भोला की झाल ले गया था।
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