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चौरा में भूस्खलन।
– फोटो : संवाद
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हिमाचल प्रदेश के किन्नौर जिले में प्राकृतिक आपदाएं थमने का नाम नहीं ले रही हैं। बुधवार सुबह नेशनल हाईवे पांच चौरा के पास पहाड़ी से भूस्खलन और चट्टानें गिरने से एनएच करीब साढ़े सात घंटे यातायात के लिए अवरूद्ध रहा। एनएच प्राधिकरण ने दोपहर साढ़े 12 बजे बाधित सड़क को यातायात के लिए बहाल किया। मार्ग बहाल होने के बाद हजारों लोगों ने राहत की सांस ली। गौर हो कि बुधवार सुबह करीब पांच बजे चौरा में पहाड़ी से भारी भूस्खलन और चट्टानें गिरने का सिलसिला शुरू हो गया था। एनएच बाधित होने से सड़क के दोनों सैकड़ों वाहनों की कतारें लग गईं।
करीब साढ़े सात घंटे तक किन्नौर का देश दुनिया से संपर्क कटा रहा। सूचना मिलते ही नेशनल हाईवे प्राधिकरण की दो मशीनें और मजदूर मार्ग बहाली के कार्य में जुट गए, लेकिन पहाड़ी से बार-बार भूस्खलन होने के कारण मार्ग बहाली का कार्य प्रभावित होता रहा। प्राधिकरण ने करीब पांच घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद मार्ग को बहाल किया। उक्त स्थान पर बार-बार भूस्खलन होने के कारण बीच-बीच में वाहनों की आवाजाही थम रही है। वहीं एनएच प्राधिकरण ने मार्ग बहाली के मौके पर दो जेसीबी मशीनें तैनात की हैं। प्रशासन ने उक्त स्थान से सफर करने वाले वाहन चालक और यात्रियों को सावधानी बरतने की अपील की है।
नेशनल हाईवे प्राधिकरण के एक्सईएन रामपुर केएल सुमन ने बताया कि चौरा में बाधित हुए एनएच पांच को बुधवार दोपहर साढ़े 12 बजे यातायात के लिए बहाल कर दिया गया है। पहाड़ी से बार बार भूस्खलन हो रहा है, जिसे हटाने के लिए मौके पर दो जेसीबी मशीनों को तैनात किया गया है। एसडीएम भावानगर बिमला वर्मा ने चौरा से गुजरने वाले वाहन चालकों और यात्रियों से अपील की है कि वे सफर के दौरान सावधानी बरतें और सुरक्षा मापदंडों का पालन करें।
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