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निगुलसरी में भूस्खलन(फाइल)
– फोटो : संवाद
विस्तार
सामरिक महत्व के कालका-शिमला-रामपुर-शिपकी ला राष्ट्रीय राजमार्ग 05 पर अब किन्नौर के निगुलसरी में भूस्खलन होने के बावजूद वाहनों की आवाजाही सुचारू रहेगी। किन्नौर, लाहौल-स्पीति और शिपकी ला दर्रे को जोड़ने वाली सड़क पर 12 महीने आवाजाही बहाल रखने के लिए वैकल्पिक मार्ग बनेगा। निगुलसरी के पास भूस्खलन प्रभावित क्षेत्र के लिए 3 किलोमीटर लंबी वैकल्पिक सड़क बनाने को लेकर लोक निर्माण विभाग ने प्रस्ताव तैयार किया है। नई सड़क बनने से एनएच बंद होने पर भी न तो सेब की आपूर्ति प्रभावित होगी और न ही सैलानियों की आवाजाही रुकेगी।
हिंदुस्तान-तिब्बत एनएच-05 से होकर ही सेना की रसद चीन सीमा तक पहुंचती है। भूस्खलन और चट्टानें गिरने से यह सड़क नाथपा और निगुलसरी के पास बार-बार बंद हो रही है। नाथपा के पास प्रभावित सड़क को नाथपा पावर प्रोजेक्ट की सड़क से जोड़कर बाईपास किया जा रहा है। पावर हाउस के पास बैली ब्रिज लगाने का काम 15 दिन में पूरा होने वाला है। निगुलसरी के पास प्रभावित क्षेत्र के लिए छोटा खंबा सड़क से भावानगर शोलडिंग तक वैकल्पिक सड़क बनाने का प्रस्ताव है। प्रदेश सरकार ने इस सड़क के लिए केंद्र सरकार से सहयोग मांगा है। पीडब्ल्यूडी रामपुर मंडल के अधीक्षण अभियंता पासंग नेगी ने बताया कि वैकल्पिक सड़क के निर्माण के लिए प्रस्ताव तैयार कर राष्ट्रीय राजमार्ग विभाग को भेजा है।
सामरिक महत्व की सड़क के लिए केंद्र से मांगा सहयोग
किन्नौर और स्पीति के अलावा शिपकी ला दर्रे पर चीन सीमा को जोड़ने वाले सामरिक महत्व के एनएच-05 को बहाल रखने के लिए नाथपा और निगुलसरी के पास वैकल्पिक सड़क बनाने की योजना है। सेना की रसद भी यहीं से होकर जाती है। इसलिए केंद्र सरकार से सड़क बनाने में सहयोग मांगा है।- जगत सिंह नेगी, बागवानी एवं राजस्व मंत्री
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