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कीर्ति आजाद
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पूर्व मुख्यमंत्री भागवत झा आजाद व पूर्व क्रिकेटर कीर्ति आजाद को ममता बनर्जी की पार्टी ने लोकसभा टिकट दिया है। कीर्ति आजाद बर्दमान दुर्गापुर लोकसभा क्षेत्र से चुनाव लड़ेंगे। 1983 विश्व कप की विजेता भारतीय टीम के सदस्य रहे कीर्ति आजाद ने 2014 के आम चुनाव में भाजपा से चुनाव लड़ा था और बिहार के दरभंगा सीट से सांसद चुने गए थे। इसके बाद कीर्ति आजाद ने धनबाद से लोकसभा चुनाव लड़ा था। लेकिन, उन्हें भाजपा प्रत्याशी से हार का सामना करना पड़ा था। आइए जानते हैं उनके राजनीतिक सफर के बारे में…
आजाद बतौर भाजपा सांसद तीन बार दरभंगा लोकसभा से प्रतिनिधित्व कर चुके हैं। अभी फिलहाल वह बंगाल की सीएम ममता बनर्जी की पार्टी में हैं। कीर्ति झा आजाद केवल दरभंगा के सांसद ही नहीं रह चुके हैं उनका ससुराल भी इसी शहर में हैं। बतौर भाजपा नेता कीर्ति आजाद ने पहली बार 1999 में दरभंगा से लोकसभा का चुनाव लड़ा था। पहली बार में ही उन्होंने जनता और राजद से सांसद रहे अली असरफ फातमी को हराकर संसद में अपना चुनावी परचम लहराया।
2019 के चुनाव में भाजपा ने उनका टिकट काट दिया था
इसके 2004 के चुनाव वह अली असरफ फातमी से चुनाव हार गए लेकिन उन्होंने अपना राजनीतिक सफर नहीं छोड़ा। फिर वह 2009 और 2014 में अली असरफ फातमी फिर से हराकर दरभंगा के सांसद बन गए। लेकिन, उनका क्रिकेट को लेकर पूर्व केंद्रीय वित्त मंत्री दिवंगत अरुण जेटली के साथ विवाद के कारण 23 दिसंबर 2015 को उन्हें पार्टी ने निलंबित किया था। इसके बाद उन्होंने कांग्रेस का हाथ पकड़ लिया। कांग्रेस ने उन्हें धनबाद लोकसभा सीट से चुनाव लड़वाया लेकिन उन्हें यहां हार का सामना करना पड़ा। धनबाद से लोकसभा का चुनाव हारने के बाद नवंबर, 2021 में वह बंगाल के तृणमूल कांग्रेस पार्टी से जुड़ गए।
पिछले एक साल में कई बार दरभंगा आए कीर्ति आजाद
आजाद लोकसभा चुनाव की सुगबगाहट के बीच करीब एक वर्ष के अंदर ही कई बार अपने दरभंगा आवास पर आए और अपने कार्यकर्ताओं के साथ बैठक कर फीडबैक लिया। इस दौरान उनसे मिलने के कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष अखिलेश प्रसाद सिंह दरभंगा आये थे। कीर्ति आजाद के आवास पर जाकर मिले थे और उनके परिवार के कांग्रेसी होने के कसीदे गढ़े थे।
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