Kisan Andolan: गजरौला में किसानों नेताओं को किया नजरबंद, दिल्ली कूच की कर रहे थे तैयारी, भारी पुलिस बल तैनात

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Kisan Andolan: Farmer leaders placed under house arrest in Gajraula, were preparing march to Delhi

गजरौला में किसान नेता के घर पहुंची पुलिस
– फोटो : संवाद

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भाकियू चढ़ूनी गुट के किसानों की एमएसपी और स्वामीनाथन आयोग की रिपोर्ट लागू किए जाने की मांग को लेकर दिल्ली कूच करने की तैयारी कर रहे जिलाध्यक्ष नरेश चौधरी को संगठन के पदाधिकारियों संग घर में नजरबंद कर दिया गया। उनके घर पर भारी पुलिस बल तैनात किया गया है।

भाकियू चढ़ूनी गुट के किसानों ने एमएसपी और स्वामीनाथन आयोग की रिपोर्ट लागू किए जाने की मांग को लेकर मंगलवार को जिले से 200 ट्रैक्टर संग दिल्ली कूच का एलान किया था। मंगलवार की सुबह से ही संगठन से जुड़े किसान गजरौला में जिलाध्यक्ष नरेश चौधरी के आवास पर एकत्र हो गए।

इसकी सूचना मिलते ही इंस्पेक्टर हरीशवर्धन सिंह पुलिस बल के साथ चौधरी चरण सिंह नगर मोहल्ले में जिलाध्यक्ष के आवास पर पहुंच गए। यहां जिलाध्यक्ष व संगठन के संरक्षक चरण सिंह, रवि चौधरी, सोमपाल सिंह और सचिन चौधरी, मयंक कुमार, जयंत कुमार व हिमांशु वर्मा को नजरबंद कर दिया। उनके आवास पर पुलिस बल तैनात हो गया।

भाकियू असली के कार्यकर्ता जाएंगे दिल्ली 

केंद्र सरकार से वार्ता विफल होने पर भाकियू असली ने दिल्ली कूच करने का निर्णय लिया है। किसान नेताओं का आरोप है कि सरकार उनकी मांगे नहीं मान रही है। भाकियू असली के अध्यक्ष चौधरी हरपाल ने कहा कि केंद्र सरकार के मंत्रियों से उनकी बातें हुई हैं।

दो चक्र की वार्ता के बाद भी केंद्र सरकार किसानों की मांगों को स्पष्ट रुप से मांगने के लिए तैयार नहीं हुई। अंत में किसान संगठनों ने दिल्ली कूच करने का निर्णय लिया है। उन्होंने भाकियू असली के कार्यकर्ताओं से दिल्ली कूच करने का आह्वान किया है।

आशंका है कि पुलिस छापा मारकर किसानों को घेर सकती है लेकिन किसान अपनी यात्रा नहीं रोकेंगे। किसान स्वामीनाथन आयोग की रिपोर्ट के अनुसार सभी फसलों की एमएसपी की कानूनी गारंटी की मांग कर रहे हैं।

इसके अलावा किसानों और खेत मजदूरों की कर्जमाफी, लखीमपुर खीरी में जान गंवाने वाले किसानों को इंसाफ और आशीष मिश्रा की जमानत रद्द कर सभी दोषियों को सजा की मांग, लखीमपुर खीरी कांड में घायल सभी किसानों को वादे के अनुसार 10 लाख रुपये मुआवजे देने की मांग कर रही है। 

इसके अलावा किसान आंदोलन के दौरान दर्ज केस रद्द करने,पिछले आंदोलन में जान गंवाने वाले किसानों के आश्रितों को नौकरी देने, फसल बीमा सरकार खुद करे, किसान और मजदूर को 60 साल होने पर 10 हजार रुपये महीना मिले आदि मांगे शामिल हैं।

 

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