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तकनीकी कमेटी ने किया कुल्लू-मनाली हाईवे का दौरा
– फोटो : संवाद
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क्षतिग्रस्त कुल्लू-मनाली हाईवे-3 के निर्माण के लिए डीपीआर बनाई जाएगी और सड़क की बाढ़ से सुरक्षा का इंतजाम किया जएगा। गुरुवार को सड़क का निरीक्षण करने पहुंची भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) की तकनीकी कमेटी ने इसको लेकर हरी झंडी दे दी है।
टीम ने अस्थायी तौर पर बनाई सड़क को पक्का करने के बाद स्थायी सड़क के लिए डीपीआर बनाने के निर्देश दिए हैं। तकनीकी कमेटी ने मनाली से कुल्लू और कुल्लू से पंडोह तक हुए नुकसान का जायजा लिया। 9 और 10 जुलाई को ब्यास नदी में आई बाढ़ के बाद अब स्थिति सामान्य हो गई है। मनाली से पंडोह तक अस्थायी रूप से सड़क को डबललेन करने के बाद टारिंग का काम किया जाएगा। इसके बाद सड़क को स्थायी तौर पर बनाया जाना है।
तकनीकी कमेटी के सदस्य आलोक दीपांकर की अध्यक्षता में पहुंचे आठ सदस्यों ने सड़क का निरीक्षण किया। अस्थायी तौर पर बनाई सड़क के कार्य का जायजा लेने के बाद उन्होंने स्थायी सड़क के लिए डीपीआर बनाने के भी स्थानीय अधिकारियों को निर्देश दिए। एनएचएआई के रेजिडेंट इंजीनियर अशोक चौहान ने बताया कि कमेटी ने नुकसान का जायजा लिया।
आईआईटी रुड़की और मंडी के विशेषज्ञ करेंगे तैयारी
आईआईटी रुड़की और मंडी के विशेषज्ञ, एनएचएआई के कंसलटेंट और स्थानीय अधिकारी अपने-अपने कार्य क्षेत्र की डीपीआर तैयार करेंगे। इसके बाद इसे मंजूरी के लिए भेजा जाएगा। डीपीआर की मंजूरी के बाद काम शुरू किया जाएगा।
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