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नाशपाती (फाइल फोटो)
– फोटो : अमर उजाला
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जिला कुल्लू में हो रही बारिश को बागवानी विशेषज्ञ नाशपाती के लिए बेहतर मान रहे हैं। बारिश से नाशपाती का साइज अच्छा बनेगा। जुलाई के दूसरे सप्ताह में नाशपाती का तुड़ान शुरू हो जाएगा। इस साल जिले में नाशपाती 40 फीसदी से भी कम फसल हैं। ऐसे में साइज ठीक होने पर बागवानों को नाशपाती के बेहतर दाम मिलेंगे। खराहल घाटी, भुंतर के साथ लगते क्षेत्र, गड़सा घाटी, पार्वती घाटी सहित अन्य इलाकों में नाशपाती की पैदावार की जाती है।
पिछले साल नाशपाती की फसल अच्छी थी। इस साल फ्लावरिंग के समय मौसम प्रतिकूल रहने के कारण सेटिंग प्रक्रिया बाधित हुई। सेटिंग अच्छी न होने के कारण बागवानों को नुकसान उठाना पड़ा। नाशपाती के पेड़ों में आधे से कम फल नजर आ रहे हैं। हालांकि बारिश से साइज बेहतर होगा। बागवान देवी चंद ठाकुर, नानक ठाकुर, केवलू राम, मोहर सिंह, लाल सिंह और गांथू राम ने कहा कि प्लम के तुड़ान के बाद जुलाई के दूसरे सप्ताह से नाशपाती का तुड़ान शुरू हो जाएगा।
उन्होंने कहा कि बारिश से नाशपाती का साइज अच्छा बनेगा। नाशपाती की दिल्ली की आजादपुर सब्जी मंडी में अच्छी मांग रहती है। इस बार फसल कम है इसलिए लोकल मंडियों में नाशपाती के दाम अच्छे रहने की उम्मीद है। भुंतर सब्जी के आढ़ती सोहन लाल ने कहा कि प्लम के बाद अब नाशपाती के बागवानों को बेहतर दाम मिलेंगे। व्यापारियों ने कुल्लू की मंडियों में डेरा डाला हुआ है। बागवानी विभाग के उपनिदेशक बीएम चौहान ने कहा कि बारिश नाशपाती के लिए फायदेमंद है, इससे फल का साइज अच्छा बनेगा।
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