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खंभा उठाकर उफनती नदी पार करने का वीडियो वायरल
– फोटो : संवाद
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हिमाचल बिजली बोर्ड के कर्मचारियों ने कड़ी मशक्कत के बाद सैंज में बंद पड़े 15 में से 11 ट्रांसफार्मर बहाल कर दिए हैं। इससे लोगों को अंधेरे से राहत मिली है। गाड़ापारली और शांघड़ पंचायत के चार ट्रांसफार्मर अभी बहाल नहीं हो सके हैं। भारी बारिश और पिन पार्वती नदी में आई बाढ़ से सैंज घाटी में विद्युत आपूर्ति ठप हो गई थी। इससे बिजली बोर्ड को करोड़ों रुपये का नुकसान हुआ। लाइन दुरुस्त करने के लिए बोर्ड के सामने कड़ी चुनौती थी। 15 ट्रांसफार्मर और 45 खंभे बाढ़ की भेंट चढ़ने के साथ ही कई जगह तार भी बह गए थे। अधिकतर सड़कों का बाढ़ ने नामोनिशान मिटा दिया था। बावजूद बिजली बोर्ड के मजदूरों ने कड़ी मशक्कत कर बिजली आपूर्ति बहाल की।घाटी के न्यूली क्षेत्र में अभी भी सड़क बहाल नहीं हो पाई है।
ऐसे में मजदूरों ने नदी और ढांक को पार कर बिजली के खंभे गांव तक पहुंचाए। बिजली बोर्ड के अधिशासी अभियंता जितेंद्र बिष्ट ने बताया कि मजदूरों ने विकट परिस्थितियों में 15 में से 11 ट्रांसफार्मर बहाल किए। 12 पंचायतों में विद्युत आपूर्ति बहाल कर दी है। रैला-एक, रैला-दो, देवगढ़ गोही, भलाहन, तलाड़ा, लारजी, कनोन, धाउगी, दुशाहड़, बनोगी, सुचैहन, देहुरीधार और शैंशर पंचायतों के सभी गांवों में बिजली आपूर्ति सुचारु हो गई है। गाड़ापारली और शांघड़ पंचायत के चार ट्रांसफार्मर जल्द तैयार कर दिए जाएंगे। घाटी के 90 फीसदी गांवों तक विद्युत आपूर्ति बहाल किए जाने से ग्रामीणों को राहत पहुंची है।
लोहे का खंभा उठाकर उफनती नदी पार करने का वीडियो वायरल
बिजली बोर्ड के मजदूरों का खंभे उठाकर सैंज घाटी में उफनती नदी को पार करने का वीडियो वायरल हुआ है। सिउंड से आगे न्यूली की तरफ के सभी पुल बाढ़ की भेंट चढ़ने के बाद नदी पार करना कठिन था। मजदूरों की कड़ी मेहनत से घाटी के दर्जनों गांव रिकार्ड समय में रोशन हुए हैं।
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