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kushagra murder case
– फोटो : अमर उजाला
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कानपुर के रायपुरवा के आचार्यनगर निवासी कपड़ा कारोबारी मनीष कनौडिया के बेटे कुशाग्र की हत्या के मामले में पुलिस कस्टडी रिमांड में लिए गए आरोपियों से पूछताछ में रचिता के शातिर दिमाग का पता चला।
पुलिस ने रचिता से पूछताछ की तो उसने प्रभात और शिवा के खतरनाक मंसूबों से अनजान बनने का नाटक किया। वहीं, जब प्रभात से अकेले में पूछताछ हुई तो उसने बताया कि रचिता को उसके हर प्लान की खबर थी। कुशाग्र की हत्या के बाद सबसे पहले फोन उसने रचिता को बताया था।
तीन दिन की पुलिस कस्टडी रिमांड पर लिए गए प्रभात, रचिता और शिवा से पुलिस ने सोमवार को अलग-अलग पूछताछ की। रचिता ने पूछताछ में बताया कि उसे यह जानकारी तो थी कि फिरौती में 30 लाख मांगे जाने हैं, लेकिन कुशाग्र की हत्या का उसे अंदाजा नहीं था।
उसे कुशाग्र के अपहरण की जानकारी तब हुई, जब कुशाग्र के परिजनों ने उसके पास फोन करके कुशाग्र के विषय में पूछना शुरू किया। वहीं, प्रभात ने बताया कि रचिता को कुशाग्र की हत्या, फिर फिरौती मांगने और शव के टुकड़े करके ठिकाने लगाने तक के प्लान की पूरी खबर थी। उसने एक बार भी उसे ऐसा करने से मना नहीं किया।
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