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जम्मू कश्मीर नेशनल कांफ्रेंस
– फोटो : Demo Pic.
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लद्दाख ऑटोनॉमस हिल डेवलेपमेंट काउंसिल के चुनाव में नेशनल कांफ्रेंस हल के निशान पर ही चुनाव लड़ेगी। उच्च न्यायालय की एकल न्यायाधीश के बाद न्यायाधीशों की खंडपीठ ने भी लद्दाख प्रशासन की अर्जी को खारिज कर दिया।
एकल न्यायाधीश ने लद्दाख प्रशासन द्वारा नेशनल कांफ्रेंस को हल के निशान पर चुनाव न लड़ने के आदेश को रद्द कर दिया था। लद्दाख प्रशासन ने एकल न्यायाधीश के आदेश को उच्च न्यायालय में चुनौती दी। वीरवार को मुख्य न्यायाधीश एन कोटिश्वर सिंह और न्यायाधीश एमए चौधरी की अध्यक्षता वाली खंडपीठ ने मामले से जुड़ी याचिका पर सुनवाई की।
खंडपीठ ने कहा कि एकल न्यायाधीश ने जो फैसला किया है, उसमें हमें कोई खामी नजर नहीं आती। पार्टी को चुनाव निशान काउंसिल के चुनाव नियमों के तहत दिया गया है। इसमें किसी प्रकार का विवाद नहीं। लिहाजा हमें नहीं लगता कि खंडपीठ को इसमें कोई दखल देने की जरूरत है।
उधर, लद्दाख भाजपा उपाध्यक्ष नजीर अहमद को पद और पार्टी दोनों से निकाल दिया गया है। यह कार्रवाई उनके बेटे की ओर से एक बौद्ध युवती को भगा ले जाने में सहयोग करने के बाद हो रहे विरोध के मद्देनजर किया गया। पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष फुनचोक स्टांजिन का कहना है कि पर्याप्त समय देने के बाद भी उन्होंने अपना पक्ष नहीं रखा।
प्रदेश अध्यक्ष की ओर से जारी आदेश में कहा गया है कि उनकी अध्यक्षता में हुई बैठक में कार्यकारिणी के सभी सदस्य उपस्थित हुए, जिन्होंने इस मुद्दे पर विचार किया। उन्हें पर्याप्त समय दिया गया ताकि वे स्पष्टीकरण दे सकें कि इस संवेदनशील मुद्दे में उनकी क्या संलिप्तता है। यह घटना किसी भी सूरत में सभी धार्मिक समुदायों की ओर से स्वीकार्य नहीं है। क्योंकि इससे सांप्रदायिक सौहार्द तथा क्षेत्र के लोगों के बीच आपसी एकता बाधित होने का खतरा है। इस वजह से यह फैसला लिया गया कि उन्हें तत्काल पद से हटा दिया जाए। साथ ही पार्टी में उनकी प्राथमिक सदस्यता भी समाप्त कर दी जाए।
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