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अपर मुख्य निर्वाचन अधिकारी विजय कुमार जोगदंडे
– फोटो : अमर उजाला फाइल फोटो
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उत्तराखंडस में दून और हरिद्वार जिला लोकसभा चुनाव के मद्देनजर सबसे ज्यादा संवेदनशील है। दून में सबसे ज्यादा अति संवेदनशील और हरिद्वार में सबसे ज्यादा संवेदनशील बूथ हैं। अपर मुख्य निर्वाचन अधिकारी विजय कुमार जोगदंडे ने प्रेस ब्रीफिंग में बताया कि भारत निर्वाचन आयोग ने संवेदनशील और अति संवेदनशील बूथों के चिह्निकरण के निर्देश दिए हैं। राज्य में अब तक 1365 संवेदनशील बूथ, 809 अति संवेदनशील बूथ चिह्नित किए गए हैं।
अति संवेदनशील बूथ की श्रेणी में ऐसे बूथ आते हैं, जिनमें पूर्व में निर्वाचन के दौरान कोई घटना हुई हो, जिसमें आपराधिक मामला शामिल हो। वहां पर कोई गंभीर घटना या अपराध घटित हुआ हो, जिससे चुनाव बाधित हुआ हो। आयोग ने क्रिटिकल बूथ के भी मानक तय किए हैं।
यदि किसी बूथ में पिछले चुनाव में 10 प्रतिशत से कम मतदान हुआ हो तो उसे संवेदनशील की श्रेणी में रखा गया है। ऐसे बूथ जिनमें गत वर्ष 90 प्रतिशत से अधिक मतदान हुआ है और उसमें से 75 प्रतिशत से अधिक वोटिंग किसी एक ही प्रत्याशी के पक्ष में हुई हो, उसे भी संवेदनशील की श्रेणी में चिह्नित किया गया है।
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