Lok Sabha Election 2024: भाजपा के लिए आसान नहीं हरिद्वार का चुनावी समर, चुनाव प्रबंधन की कड़ी परीक्षा

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Lok Sabha Election 2024 Uttarakhand Haridwar Seat is a tough test for BJP election management

पीएम मोदी और अमित शाह
– फोटो : पीटीआई

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भाजपा प्रदेश में बेशक पांचों लोकसभा सीटों पर अपनी जीत का दावा कर रही है, लेकिन हरिद्वार का चुनावी समर उसके लिए उतना आसान नहीं माना जा रहा। इस संसदीय सीट के चुनावी समीकरण उतने सरल नहीं है, जितने भाजपा मानकर चल रही है। सियासी जानकारों का मानना है कि जातीय समीकरणों के लिहाज से इस सीट पर भाजपा का चुनाव प्रबंधन कठिन चुनौतियों से होकर गुजरेगा।

इन्हीं चुनौतियों के कारण पार्टी को इस सीट पर जिताऊ प्रत्याशी की तलाश के लिए तगड़ी मशक्कत करनी पड़ रही है। इस सीट पर पार्टी के चुनाव व बूथ प्रबंधन की भी परीक्षा है। 2022 के विधानसभा चुनाव में हारी 23 विधानसभा सीटों में सात अकेले हरिद्वार जिले से हैं। इनमें भगवानपुर, झबरेड़ा, ज्वालापुर, हरिद्वार ग्रामीण व पिरान कलियर सीट कांग्रेस के पास है, मंगलौर और लक्सर में बसपा और खानपुर निर्दलीय ने जीती थी।

प्रत्याशी चयन को लेकर काफी सोच-विचार

हरिद्वार जिले में भाजपा 11 में से सिर्फ तीन सीटों पर है। जबकि 2017 के चुनाव में भाजपा ने 11 में से आठ सीटें जीतीं थी। यानी 2019 के चुनाव में भाजपा हरिद्वार जिले में राजनीतिक तौर पर अधिक मजबूत थी। लेकिन आगामी लोकसभा चुनाव के लिहाज से जिले में राजनीतिक रूप से वह उतनी सशक्त नहीं है। यही वजह है कि केंद्रीय नेतृत्व को इस सीट पर प्रत्याशी चयन को लेकर काफी सोच-विचार करना पड़ रहा है।

जानकारों के मुताबिक, हरिद्वार लोस से लगातार दो बार सांसद रहे डॉ. रमेश पोखरियाल निशंक के अलावा पार्टी दूसरे दावेदारों के नामों पर भी गंभीरता से विचार कर रही है। इस सीट पर पूर्व मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत, पूर्व कैबिनेट मंत्री व विधायक मदन कौशिक, पूर्व कैबिनेट मंत्री स्वामी यतीश्वरानंद के अलावा दो बड़े संत भी दावेदार बताए जा रहे हैं। लेकिन पार्टी को संसदीय सीट पर जातीय समीकरणों के हिसाब से जिताऊ चेहरे की तलाश है।

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