Loksabha Election 2024: यूपी में बदले तेवर और नई रणनीति के साथ तैयार हो रही कांग्रेस, 27 लोकसभा सीटों पर खास फोकस

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Loksabha Election 2024: Congress is working on new strategy for Uttar Pradesh.

कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे।
– फोटो : Social Media

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कांग्रेस नए तेवर और नई रणनीति के साथ उत्तर प्रदेश में तैयार हो रही है। वह लोकसभा-2024 ही नहीं बल्कि भविष्य की सियासत पर नजर लगाए है। ऐसे में पार्टी ने अपनी रणनीति बदलनी शुरू कर दी है। जल्द ही सक्रिय सदस्यों को बूथ प्रबंधन से लेकर मतदान के समय की सतर्कता के बारे में भी प्रशिक्षण दिया जाएगा।

प्रदेश में नगर निकाय चुनाव में अपने प्रदर्शन को लेकर उत्साहित कांग्रेस अब लोकसभा चुनाव के लिए पुख्ता रणनीति तैयार कर रही है। किस दल से और कितनी सीटों पर गठबंधन होगा, इसकी परवाह किए बगैर पार्टी सभी 80 सीटों पर तैयारी कर रही है। उसमें भी अपनी प्राथमिकता वाली 27 सीटों पर पार्टी ज्यादा फोकस कर रही है। अल्पसंख्यक नेताओं के कांग्रेस की ओर बढ़ते रुझान को वह अपने लिए सुखद मान रही है। यही वजह है कि पार्टी का शीर्ष नेतृत्व परंपरागत ढांचे के साथ ही पार्टी को नया कलेवर देने में भी जुटी है।

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पार्टी में कार्यालय महासचिव की जिम्मेदारी दिनेश सिंह को सौंपी गई है। दिनेश की पहचान छात्र राजनीति से निकलने वाले लोगों के साथ ही वैचारिक आंदोलनकारी के रूप में रही है। संगठन सचिव की जिम्मेदारी अनिल यादव और पिछड़ा वर्ग विभाग की कमान मनोज यादव को सौंपी गई है। इनके जरिए पिछड़ी जातियों को गोलबंद करने की कोशिश लगातार की जा रही है। इसी तरह पुरानी पीढ़ी के नेताओं के साथ नई पीढ़ी के तमाम अल्पसंख्यक नेता भी सक्रिय भूमिका में आ गए हैं।

शीर्ष नेतृत्व भी हर दिन की प्रदेश स्तरीय गतिविधियों की रिपोर्ट तलब कर रहा है। स्थिति यह है कि प्रदेश कार्यालय में किस दिन दूसरे दल के कितने लोगों ने संपर्क किया, इसकी भी रिपोर्ट तैयार की जा रही है। प्रदेश अध्यक्ष बृजलाल खाबरी बताते हैं कि पार्टी का पुराना वोटबैंक लौट रहा है। दलित-मुस्लिम वर्ग के लोग हर दिन पार्टी की सदस्यता ले रहे हैं। पिछड़ी जाति और अगड़े भी अब कांग्रेस में अपना भविष्य देख रहे हैं।

केंद्रीय और प्रांतीय नेताओं ने शुरू किया जिलेवार दौरा

पार्टी के तमाम केंद्रीय नेताओं की प्रदेश में गतिविधियां इन दिनों तेजी से बढ़ रही है। राज्यसभा में उपनेता प्रमोद तिवारी लखनऊ से लेकर रायबरेली, प्रतापगढ़ सहित अन्य जिलों में सक्रिय हुए हैं। राष्ट्रीय सचिव बीपी सिंह, अल्पसंख्यक विभाग के राष्ट्रीय अध्यक्ष इमरान प्रतापगढ़ी सहित अन्य नेता प्रदेश के अलग-अलग जिलों में सक्रिय हैं। प्रदेश अध्यक्ष के साथ ही पांच प्रांतीय अध्यक्ष भी बनाए गए हैं। ये सभी हर दिन अलग- अलग जिले में दौरा कर रहे हैं। जिलेवार होने वाले कार्यक्रमों में क्षेत्रीय दलों पर आरोप- प्रत्यारोप से बचते हुए पार्टी के नेता सीधे भाजपा पर हमला कर रहे हैं। यह भी दूरगामी सियासी रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है।

हर बूथ पर नजर, प्रशिक्षण पर जोर

कांग्रेस की एक सेल प्रदेश कार्यालय में लोकसभा चुनाव के दौरान सामने आने वाली चुनौतियों को रेखांकित कर रही है। बूथ पर ज्यादा जोर दिया जा रहा है। अभी प्रदेश में करीब पौने दो लाख बूथ हैं। इनकी संख्या बढ़ने की उम्मीद है। कुछ बूथों में बदलाव भी होगा। इस बदलाव पर भी पार्टी निगाह लगाए हुए है। इसके लिए हर विधानसभा क्षेत्र में सक्रिय सदस्यों को प्रशिक्षण देने की तैयारी चल रही है, ताकि बूथ प्रबंधन में समस्या न हो।

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