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लखनऊ में सपा कार्यालय के बाहर लगी होर्डिंग।
– फोटो : amar ujala
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लोकसभा चुनाव 2024 को लेकर 23 जून को पटना में होने वाली विपक्षी दलों की बैठक पर पूरे देश की नजर है। बैठक में सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव का पहुंचना तय माना जा रहा है पर ऐसा लगता है कि सपा यूपी में कांग्रेस को जगह देने के लिए तैयार नहीं हैं। कम से कम सपा कार्यालय के बाहर विपक्षी एकता को लेकर लगे होर्डिंग को देखकर तो यही कहा जा सकता है।
लखनऊ में सपा कार्यालय के बाहर लगे होर्डिंग में नीतीश कुमार, ममता बनर्जी, अरविंद केजरीवाल, के चंद्रशेखर राव और जयंत चौधरी की तस्वीरें तो हैं पर कांग्रेस के किसी नेता की तस्वीर नहीं है। ऐसे में राहुल गांधी सहित किसी भी कांग्रेस नेता की तस्वीर न होना चर्चा का विषय बना हुआ है। होर्डिंग युवजन सभा के सचिव आशुतोष सिंह द्वारा लगाई गई है।
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सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव पहले ही कह चुके हैं कि जो दल जिस राज्य में प्रभावशाली है कांग्रेस को वहां उसका समर्थन करना चाहिए। उनके बयान के आधार पर यही कहा जा रहा है कि सपा चाहती है कि यूपी में कांग्रेस उसका नेतृत्व स्वीकार करे।
अखिलेश यादव ने 2024 के लए 80 हराओ भाजपा हटाओ का नारा दिया है। उन्होंने दावा किया है कि 2024 में सपा यूपी की सभी 80 सीटों पर जीत दर्ज करेगी। हालांकि, बताया जा रहा है कि सपा की गठबंधन सहयोगी रालोद प्रदेश में कांग्रेस को साथ लेने के पक्ष में हैं।
अखिलेश यादव ने बीते दिनों एक चैनल पर बयान दिया था कि यूपी में पीडीए (पिछड़े, दलित और अल्पसंख्यक) 2024 में एनडीए को हरा देगा।
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