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सर्विस सेंटर लाई गई सचिवालय पास लगी एसयूवी।
– फोटो : amar ujala
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भाजपा एमएलसी का सचिवालय पास लगी एक एसयूवी चर्चा में है। इसलिए एमएलसी भी चर्चा में हैं। दरअसल पास लगी एसयूवी जब क्लेम के लिए सर्विस सेंटर पहुंची तो पता चला कि उसका नंबर फर्जी है। चेसिस नंबर में भी खेल किया गया है। जानकारी होने पर क्लेम पर एसयूवी डालने वाले लोग वापस लेकर चले गए।
चिनहट स्थित एक वाहन के सर्विस सेंटर में यूपी 15 सीएल 9394 नंबर की एक एसयूवी क्लेम के लिए पहुंची। सर्वेयर ने क्लेम की प्रकिया शुरू की और मेरठ निवासी एसयूवी मालिक फैसल से बात की। इस पर फैसल ने बताया कि एसयूवी तो उनके पास ही है। उन्होंने क्लेम के लिए एसयूवी दी ही नहीं है। ये सुनकर सर्वेयर हैरान रह गया। फिर एसयूवी का चेसिस नंबर देखा, तो वह भी फर्जी निकला। जांच में सामने आया कि चेसिस नंबर असोम की एसयूवी का है। जिसके मालिक ने बताया कि उन्होंने ये एसयूवी स्क्रैप में दे दी थी।
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एसयूवी पर भाजपा एमएलसी उमेश द्विवेदी का सचिवालय पास लगा है। जिस तरह से रजिस्ट्रेशन व चेसिस नंबर में खेल किया गया है, उससे साफ है कि वाहन चोरी का है। अब सवाल है कि भाजपा एमएलसी के पास एसयूवी कैसे पहुंची?
भाजपा एमएलसी उमेश द्विवेदी का कहना है कि चुनाव के दौरान कार्यकर्ता अमित सिंह ने उन्हें ये एसयूवी दी थी, जिनकी कोरोना के दौरान मौत हो गई। एमएलसी का कहना है कि अमित के पास यह एसयूवी कहां से आई, इसकी जानकारी नहीं है। अमित सिंह की पत्नी डॉ. मृदुला मिश्रा ने पुलिस आयुक्त को जांच कर आवश्यक कार्रवाई के लिए पत्र दिया है।
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