Lucknow: जानलेवा साबित हो रहा सर्दी का सितम, केजीएमयू में बढ़ रहे हार्ट अटैक व ब्रेन हैमरेज के मरीज

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प्रतीकात्मक तस्वीर

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– फोटो : Pixabay

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राजधानी लखनऊ का तापमान लगातार 10 डिग्री सेल्सियस से नीचे बना रहने से दिल और दिमाग संबंधी बीमारियां बढ़ने लगी हैं। ज्यादा सर्दी की वजह से हार्ट अटैक व ब्रेन हैमरेज के केस बढ़ गए हैं। केजीएमयू में ब्रेन हैमरेज के रोजाना छह-सात मामले आ रहे हैं। उधर, ओपीडी और इमरजेंसी में हार्ट अटैक या दिल की बीमारियों के 50 से ज्यादा केस आ रहे हैं।

लारी कॉर्डियोलॉजी विभाग के प्रवक्ता डॉ. अक्षय प्रधान के अनुसार सर्दियों में हार्ट अटैक के मामले बढ़ जाते हैं। विभाग में हमेशा ही मरीजों की संख्या ज्यादा रहती है, लेकिन सर्दियों में गंभीर मरीज ज्यादा आते हैं। इसकी वजह ठंड में नसों का सिकुड़ना होता है। इससे दबाव बढ़ जाता है, जो हार्ट अटैक या दिल संबंधी समस्याओं को जन्म देता है। सर्दियों में खून के थक्के जम जाना, ज्यादा तैलीय भोजन, शारीरिक गतिविधि कम होना भी वजह बनता है। ऐसे में ठंड से बचाव बहुत जरूरी है।

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केजीएमयू के न्यूरोलॉजी विभाग के अध्यक्ष प्रो. आरके गर्ग के अनुसार सर्दी में धमनियां सिकुड़ने से बीपी बढ़ जाता है। इससे ब्रेन हैमरेज तक हो सकता है। इस समय पांच से छह मरीज रोजाना विभाग में आ रहे हैं। आम दिनों में रोजाना मरीज नहीं आते हैं। जिन्हें बीपी की समस्या है, उन्हें और सचेत रहने की जरूरत है। लोहिया संस्थान के कार्डियोलॉजी विभाग के डॉ. भुवन के अनुसार दिल का दौरा पड़ने पर आसपास के विशेषज्ञ को जरूर दिखाएं। बड़े अस्पताल पहुंचने से पहले प्राथमिक उपचार जरूरी है। इससे मरीज की जान बचाना आसान हो जाता है।

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राजधानी लखनऊ का तापमान लगातार 10 डिग्री सेल्सियस से नीचे बना रहने से दिल और दिमाग संबंधी बीमारियां बढ़ने लगी हैं। ज्यादा सर्दी की वजह से हार्ट अटैक व ब्रेन हैमरेज के केस बढ़ गए हैं। केजीएमयू में ब्रेन हैमरेज के रोजाना छह-सात मामले आ रहे हैं। उधर, ओपीडी और इमरजेंसी में हार्ट अटैक या दिल की बीमारियों के 50 से ज्यादा केस आ रहे हैं।

लारी कॉर्डियोलॉजी विभाग के प्रवक्ता डॉ. अक्षय प्रधान के अनुसार सर्दियों में हार्ट अटैक के मामले बढ़ जाते हैं। विभाग में हमेशा ही मरीजों की संख्या ज्यादा रहती है, लेकिन सर्दियों में गंभीर मरीज ज्यादा आते हैं। इसकी वजह ठंड में नसों का सिकुड़ना होता है। इससे दबाव बढ़ जाता है, जो हार्ट अटैक या दिल संबंधी समस्याओं को जन्म देता है। सर्दियों में खून के थक्के जम जाना, ज्यादा तैलीय भोजन, शारीरिक गतिविधि कम होना भी वजह बनता है। ऐसे में ठंड से बचाव बहुत जरूरी है।

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केजीएमयू के न्यूरोलॉजी विभाग के अध्यक्ष प्रो. आरके गर्ग के अनुसार सर्दी में धमनियां सिकुड़ने से बीपी बढ़ जाता है। इससे ब्रेन हैमरेज तक हो सकता है। इस समय पांच से छह मरीज रोजाना विभाग में आ रहे हैं। आम दिनों में रोजाना मरीज नहीं आते हैं। जिन्हें बीपी की समस्या है, उन्हें और सचेत रहने की जरूरत है। लोहिया संस्थान के कार्डियोलॉजी विभाग के डॉ. भुवन के अनुसार दिल का दौरा पड़ने पर आसपास के विशेषज्ञ को जरूर दिखाएं। बड़े अस्पताल पहुंचने से पहले प्राथमिक उपचार जरूरी है। इससे मरीज की जान बचाना आसान हो जाता है।



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