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कुलपति प्रो. आलोक कुमार राय।
– फोटो : amar ujala
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लविवि ने जी-20 देशों में अपना एक्सटेंशन (सेटेलाइट) कैंपस खोलने की कवायद शुरू कर दी है। इसके लिए प्रदेश सरकार के सहयोग से चार बैठकें भी हो चुकी हैं। फरवरी में होने वाली इन्वेस्टर्स समिट में इसे लेकर एमओयू होने की भी संभावना है। कुलपति प्रो. आलोक कुमार राय ने दोबारा कार्यभार संभालने के बाद बुधवार को आयोजित प्रेसवार्ता में यह जानकारी दी।
प्रो. राय ने बताया कि जी-20 देशों में शामिल कुछ देशों में हम अपना कैंपस शुरू कर सकते हैं। कोशिश है कि इन्हें एकेडमिक गाइडेंस, टीचिंग आदि दें। हमारी एकेडमिक व गुड प्रैक्टिस का लाभ विदेशियों को भी मिले। इसी तरह नए सत्र से ऑनलाइन कोर्स शुरू करेंगे और आगे चलकर डिस्टेंस एजुकेशन भी देंगे। बेस्ट प्रैक्टिसेज के क्रम में इसी सत्र से स्टूडेंट फीडबैक सिस्टम जल्द शुरू किया जाएगा। इसमें वेबसाइट पर छात्र एकेडमिक और इंफ्रास्ट्रक्चर से जुड़ी जानकारी दे सकेंगे। उनके बेहतर सुझावों को हम लागू भी करेंगे।
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प्रो. राय ने कहा कि लखनऊ विश्वविद्यालय कंसलटेंसी भी देगा, जिससे संस्थान की आय बढ़ेगी। इसी के तहत राइट्स के साथ हम स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट पर काम कर रहे हैं। विवि आगे चलकर अयोध्या में राम मंदिर निर्माण और शहर के विकास कार्य से भी जुड़कर काम करेगा। केंद्र सरकार की संस्था से वार्ता चल रही है, जल्द 13 करोड़ का प्रोजेक्ट यूनिवर्सिटी को मिलेगा। बताया कि लविवि के पांच जिलों में 548 कॉलेज संबद्ध हैं। जल्द इनके बीच इंटर कॉलेज कल्चरल व स्पोर्ट्स फेस्ट होगा। सारी प्रतियोगिताएं विश्वविद्यालय में ही न होकर संबद्ध कॉलेजों में भी होंगी।
रिसर्च इंडेक्स, रिसर्च ग्रांट व प्लेसमेंट बढ़ाएंगे
प्राथमिकताएं बताते हुए प्रो. राय ने कहा, विश्वविद्यालय ने हर क्षेत्र में जो व्यवस्थाएं, सुविधाएं बढ़ाईं, अब उसका लाभ शिक्षकों, छात्रों को दिलाएंगे। रिसर्च इंडेक्स, रिसर्च ग्रांट बढ़ाई जाएगी। पहले हमारा वेब ऑफ साइंस में एच इंडेक्स 77 था, जो 95 और स्कोपस में 83 से 105 हो गया है। इसे और बेहतर करेंगे। विद्यार्थियों के लिए प्लेसमेंट और पैकेज बढ़ाएंगे। इनक्यूबेशन सेंटर में संसाधन बढ़ाकर शिक्षकों की भी स्टार्टअप के लिए मेंटरिंग करेंगे। समाज में सहभागिता भी बढ़ाएंगे। इसके लिए प्राइवेट इन्वेस्टर्स से बात चल रही है।
विदेशी छात्रों के अलग हॉस्टल बनाएंगे
प्रो. राय ने बताया बीते वर्षों में विदेशी छात्रों की संख्या लगातार बढ़ी है। वर्ष 2022-23 में प्रवेश के लिए 850 आवेदन आए। विदेशी छात्रों से अच्छी आय भी होती है। अब हमारी कोशिश है कि विदेशी लड़कों-लड़कियों के लिए अलग-अलग हॉस्टल बनाए जाएं। अभी हमने उन्हें छात्रावासों में अलग सेक्शन दिया है। इससे बाहर से आने वाले छात्राें की संख्या बढ़ेगी। पूर्व छात्रों के सहयोग से हर हॉस्टल में गेस्ट रूम बनाने का भी प्रस्ताव है।
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