Lucknow: नौकरी दिलाने के नाम पर लाखों की ठगी करता था सेना का कुक, दो साथियों संग एसटीएफ के हत्थे चढ़ा

[ad_1]

Three fraudsters are arrested for doing fraud on the name of job in lucknow.

गिरफ्तार किए गए आरोपी।
– फोटो : amar ujala

विस्तार


एसटीएफ और मिलिट्री इंटेलीजेंस की संयुक्त टीम ने सरकारी विभागों में नौकरी दिलाने का झांसा देकर बेरोजगार युवकों से लाखों की ठगी करने के आरोप में तीन लोगों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों में एक सेना का ट्रेडमैन कुक भी शामिल है। आरोपियों के पास से बड़ी संख्या में जाली दस्तावेज बरामद किए गए हैं। आरोपी खुद को सेना, न्यायालय, वन, सिंचाई, सचिवालय, रेलवे, इनकम टैक्स व अन्य विभागों का उच्चाधिकारी बताते थे।

एसटीएफ के मुताबिक, तालकटोरा की बीजी रेलवे कॉलोनी निवासी विजेंद्र प्रभाकर, सेना में ट्रेडमैन कुक अमेठी के पितांबर पांडेय का पुरवा निवासी अजय कुमार तिवारी और पीलीभीत के अमरिया निवासी चंद्र सेन को अर्जुनगंज के संस्तुति संस्कृति अपार्टमेंट से गिरफ्तार किया गया। तीनों के पास से सचिवालय, वन विभाग, सिंचाई व जल संस्थान, राजस्थान पुलिस कांसटेबल भर्ती, रेलवे, इनकम टैक्स समेत अन्य विभागों के स्टांप, जाली नियुक्ति पत्र, ऑफर लेटर, एडमिट कार्ड, जाली आईडी व सर्विस बुक समेत अन्य फर्जी दस्तावेज बरामद किए गए हैं।

ये भी पढ़ें – 21 से 23 जनवरी के बीच हो सकती है प्राण प्रतिष्ठा, एक महीने तक लाखों लोगों को बंटेगा प्रसाद

ये भी पढ़ें – लखनऊ के सस्ते टमाटर: लोग बोले जंग जीतने जैसा था टमाटर खरीदना, जब मिले तो खिल उठे चेहरे, तस्वीरें

पूछताछ में विजेंद्र पाठक ने बताया कि उसका वास्तविक नाम विजेंद्र प्रभाकर है। विजेंद्र खुद को सचिवालय में अधिकारी बताकर धोखाधड़ी करता था। फर्जीवाड़े के दौरान आरोपी की मुलाकात हर्ष उर्फ विनोद यादव, भानुप्रताप सिंह, अमित कुमार उर्फ अभिषेक सिंह, अजय तिवारी और चंद्रसेन से हुई थी। ये आरोपी धोखाधड़ी का गिरोह चला रहे थे और प्रत्येक अभ्यर्थी से तीन से पांच लाख रुपये वसूलते थे। विजेंद्र जाली कागजात बनाने और फर्जी साक्षात्कार का काम देखता था। चंद्र सेन ने बताया कि फतेहपुर निवासी अमित कुमार उर्फ अभिषेक ने आईटीआई काॅलेज पीलीभीत में नौकरी लगवाने का झांसा देकर दो लाख रुपये लिए थे। फर्जीवाड़े की जानकारी होने पर चंद्र सेन ने पैसे वापस मांगे तो अमित ने उसे रुपये कमाने का लालच देकर गिरोह में शामिल कर लिया था। चंद्र सेन बेरोजगारों को झांसे में लेने का काम करता था।

अजय कुमार तिवारी सेना में 30 जनवरी 2005 को ट्रेड मैन कुक के पद पर भर्ती हुआ। 13 साल नौकरी के बाद बिना छुट्टी लिए घर चला आया और सात साल वापस नहीं गया। आरोपी ने बताया कि इसी बीच उसकी मुलाकात अभिषेक सिंह, विजेंद्र प्रभाकर व चंद्र सेन से हुई थी। आरोपी चार से पांच लाख रुपये लेकर सरकारी विभाग में स्थायी नौकरी दिलाने का झांसा देता था। आरोपी अजय नौकरी के नाम पर सैकड़ों लोगों को ठग चुका है। पीड़ितों के नाम भी बताए हैं। आरोपियों ने फर्जी खाता सुधाकांत मिश्रा के नाम पर खोल रखा था। इनके पास से जाली आईडी पर खरीदे गए सिम कार्ड भी मिले हैं। आरोपियों के खिलाफ सुशांत गोल्फ सिटी थाने में एफआईआर दर्ज की गई है।

[ad_2]

Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *