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उत्तर प्रदेश मदरसा बोर्ड के अध्यक्ष डॉ. इफ्तिखार अहमद जावेद।
– फोटो : amar ujala
विस्तार
इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ ने यूपी मदरसा शिक्षा बोर्ड कानून – 2004 को असांविधानिक करार दिया है। जिसके बाद प्रदेश के सभी मदरसे बंद कर दिए जाएंगे। जिससे यहां पढ़ने वाले छात्रों शिक्षकों व अन्य कर्मचारियों के भविष्य को लेकर सवाल उठने लगे हैं।
हाईकोर्ट के आदेश पर उत्तर प्रदेश मदरसा बोर्ड के अध्यक्ष डॉ. इफ्तिखार अहमद जावेद ने कहा कि हाईकोर्ट ने मदरसा कानून को असांविधानिक बताया है। हम कोर्ट के फैसले को समझने का प्रयास कर रहे हैं और आने वाले दिनों में निर्णय करेंगे कि क्या करना है?
#WATCH | Lucknow, UP: On Allahabad High Court striking down UP Madrassa Act, UP Madrassa board chairman Dr. Iftikhar Ahmed Javed says, ” …According to High Court, the UP Madrasa Act that was introduced in 2004, has issues and is unconstitutional. We are trying to understand the… pic.twitter.com/tpqNSYv5hk
— ANI UP/Uttarakhand (@ANINewsUP) March 23, 2024
उन्होंने कहा कि बीते 20 साल से मदरसे इसी कानून से संचालित हो रहे हैं अगर इसमें कुछ कमी है तो सुधार किए जा सकते हैं। बदलाव किए जा सकते हैं। हम निर्णय का विश्लेषण करेंगे। हम कोर्ट के फैसले का सम्मान करते हैं।
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