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माधेपुरा सदर अस्पताल
– फोटो : Amar Ujala Digital
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मधेपुरा से बड़ी खबर सामने आई है। यहां सदर अस्पताल में कार्यरत करीब 30 डॉक्टरों पर देशद्रोह का आरोप लगाया गया है। यह आरोप सिविल सर्जन डॉक्टर मिथिलेश कुमार ठाकुर के ने सदर अस्पताल उपाधीक्षक को पत्र जारी कर लगाया गया है।
सिविल सर्जन ने अपने पत्र में सदर अस्पताल के उपाधीक्षक से पूछा है कि बीते 26 जनवरी को ध्वजारोहण के समय मात्र दो चिकित्सक डॉ. सचिन कुमार और डॉ. यश शर्मा ही मौजूद थे, जबकि इनके अलावा सभी चिकित्सक उपस्थित नहीं हुए, ऐसा क्यों हुआ है? सिविल सर्जन का कहना है कि ऐसा करना यह दर्शाता है कि इन तमाम चिकित्सकों ने राष्ट्रीय ध्वज का अपमान किया है। यह कृत्य देशद्रोह के श्रेणी में आता है।
पूर्व से निर्धारित राष्ट्रीय ध्वजारोहण के कार्यक्रम में उपस्थित नहीं होना। तिरंगे को सलामी नहीं देना। ये गंभीर चिंता का विषय है। इस संबंध में सिविल सर्जन ने 48 घंटे के भीतर सदर अस्पताल उपाधीक्षक से जवाब तलब किया है।
गौरतलब है कि सदर अस्पताल मधेपुरा में लगभग 30 चिकित्सक कार्यरत हैं। इनमें से मात्र दो चिकित्सक 26 जनवरी यानी गणतंत्र दिवस के अवसर पर आयोजित झंडोतोलन में शामिल हुए। बाकी डॉक्टर अनुपस्थित पाए गए। अब देखना होगा कि सदर अस्पताल उपाध्यक्ष इस मामले में सिविल सर्जन को क्या जवाब देते हैं।
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