लंबी खींचतान के बाद आखिरकार सोमवार की देर रात माघ मेले में ज्योतिष्पीठ की भूमि के आवंटन पर फंसा पेच सुलझा लिया गया। मेला प्रशासन की ओर से हिमालय स्थित बद्रिकाश्रम सेवा शिविर के विकल्प पर ज्योतिष्पीठ के संतों के सहमत होने के बाद सुविधा पर्ची जारी कर दी गई। इसी के साथ नाराजगी दूर हो गई है। ज्योतिष्पीठ, द्वारका पीठ के अलावा शाकंभरी पीठ और आध्यात्म मंडल के शिविरों के लिए भूमि पूजन मंगलवार को होगा।
सोमवार को मेला प्रशासन की ओर से एक बार फिर ज्योतिष्पीठ के प्रतिनिधियों के साथ वार्ता के आधार पर समाधान निकालने की कोशिश की गई। अफसरों ने ब्रह्मचारी श्रीधरानंद से बातचीत में आग्रह किया कि वह बद्रिकाश्रम के विकल्प पर पुनर्विचार करें। बद्रिकाश्रम सेवा शिविर हिमालय का स्थानीय पता मनकामेश्वर महादेव मंदिर सुविधा पर्ची पर जारी करने का प्रस्ताव दिया गया। इस पर संतों ने सहमति जता दी।
संतों का कहना था कि बद्रिकाश्रम का ही दूसरा नाम ज्योतिष्पीठ है और यह संस्था हिमालय उत्तराखंड की है। ऐसे में शिविर के आगे प्रयागराज नहीं, हिमालय ही लिखा जाएगा। अंतत: बद्रिकाश्रम के विकल्प पर सहमति बनने के बाद सुविधा पर्ची जारी कर दी गई। इसी के साथ मेले में त्रिवेणी मार्ग पर ज्योतिष्पीठ और द्वारका पीठ के शिविर लगाने की तैयारियां शुरू हो गई हैं।
ब्रह्मचारी श्रीधरानंद ने सुविधा पर्ची जारी होने की पुष्टि की। बताया कि मंगलवार को भूमि पूजन होगा। इससे पहले सुप्रीम कोर्ट के फैसले के क्रम में इस बार प्रयागराज मेला प्राधिकरण ने माघ मेले में ज्योतिष्पीठ की भूमि आरक्षित कर ली थी। इसे लेकर ज्योतिष्पीठ के संतों ने तो नाराजगी जताई ही थी, द्वारका पीठ के शंकराचार्य सदानंद महाराज ने मेले के बहिष्कार की धमकी दे दी थी।
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लंबी खींचतान के बाद आखिरकार सोमवार की देर रात माघ मेले में ज्योतिष्पीठ की भूमि के आवंटन पर फंसा पेच सुलझा लिया गया। मेला प्रशासन की ओर से हिमालय स्थित बद्रिकाश्रम सेवा शिविर के विकल्प पर ज्योतिष्पीठ के संतों के सहमत होने के बाद सुविधा पर्ची जारी कर दी गई। इसी के साथ नाराजगी दूर हो गई है। ज्योतिष्पीठ, द्वारका पीठ के अलावा शाकंभरी पीठ और आध्यात्म मंडल के शिविरों के लिए भूमि पूजन मंगलवार को होगा।
सोमवार को मेला प्रशासन की ओर से एक बार फिर ज्योतिष्पीठ के प्रतिनिधियों के साथ वार्ता के आधार पर समाधान निकालने की कोशिश की गई। अफसरों ने ब्रह्मचारी श्रीधरानंद से बातचीत में आग्रह किया कि वह बद्रिकाश्रम के विकल्प पर पुनर्विचार करें। बद्रिकाश्रम सेवा शिविर हिमालय का स्थानीय पता मनकामेश्वर महादेव मंदिर सुविधा पर्ची पर जारी करने का प्रस्ताव दिया गया। इस पर संतों ने सहमति जता दी।