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मनाली-लेह मार्ग।
– फोटो : संवाद
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सर्दी आते ही मनाली-लेह सड़क पर सफर करना जोखिम भरा हो गया है। 16,000 फीट ऊंचे बारालाचा दर्रे में चार अक्तूबर की शाम को सामान से भरा एक ट्रक पलट गया और सामरिक महत्व का मार्ग 25 घंटे तक बंद रहा। इस कारण दोनों तरफ सैकड़ों वाहन फंसे रहे। इनमें 350 से अधिक ट्रक शामिल थे। पांच अक्तूबर रात को करीब 8:00 बजे बारालाचा में पलटे ट्रक को बीआरओ व पुलिस जवानों ने सीधा कर मार्ग को बहाल किया। मनाली-लेह हाईवे तीन के खुलने से यहां फंसे ट्रक चालकों व पर्यटकों को राहत मिली है।
इसके बाद लेह की तरफ से मनाली आ रहे 136 वाहन दारचा होकर अपने गंतव्य को रवाना किए गए। जबकि मनाली की ओर से लेह जा रहे 467 वाहनों को तीसरे दिन शुक्रवार सुबह तय समयसारिणी के तहत सुबह 10:00 से 11:30 बजे तक छोड़ा गया। इसमें सामान लेकर जा रहे 295 ट्रक, 160 छोटे वाहन और 12 बाइकर शामिल थे। सर्दी शुरू होने पर पुलिस ने सरचू से अपनी चौकी को 16 सितंबर को बंद कर दिया है।
ऐसे में पुलिस चौकी दारचा पर मनाली-लेह मार्ग पर दारचा से आगे सफर करने वाले लोगों की सुरक्षा का जिम्मा है। चार अक्तूबर की रात को भी मार्ग के बंद होने के बाद दारचा पुलिस ने सूझबूझ के साथ काम करते हुए सभी वाहनों को दारचा में रोका। मार्ग खुलने के बाद उन्हें शुक्रवार को भेजा गया। माइनस मापमान में लाहौल-स्पीति पुलिस के जवान यहां रात-दिन डटे हैं। सरचू चौकी हटने तथा सर्दी आते ही मनाली से लेह की तरफ जाने वाले सभी वाहनों का पंजीकरण भी दारचा पुलिस कर रही है। पुलिस अधीक्षक केलांग मयंक चौधरी ने कहा कि सर्दी का मौसम शुरू हो गया है। ऐसे में वाहनों को समयसारिणी के तहत ही दोनों तरफ भेजा जा रहा है।
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