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सिविल अस्पताल जोगिंद्रनगर
– फोटो : संवाद
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मंडी और कुल्लू सिविल अस्पताल में सरकार की ओर से अधिकृत क्रस्ना लैब में मरीजों के खून के सैंपल ड्रोन के माध्यम से मोहाली की लैब में जांच के लिए पहुंचेंगे। इसकी औपचारिकताएं पूरा कर नए साल में यह सुविधा शुरू करने की तैयारी है। सोमवार को क्रस्ना लैब के अधिकारियों ने ड्रोन के सफल परीक्षण के लिए संभावनाएं भी तलाशीं। जिला प्रशासन से अनुमति मिलने के बाद मंगलवार को स्थानीय प्रशासन से अनुमति की औपचारिकता को पूरा कर ड्रोन से मोहाली में मरीजों के सैंपल पहुंचाने के ट्रायल शुरू होंगे।
इधर, सिविल अस्पताल जोगिंद्रनगर में क्रस्ना लैब की प्रभारी सरिता ठाकुर ने बताया कि मंडी और कुल्लू जिलों के नेरचौक में भी ड्रोन से मरीजों के सैंपल मोहली तक लैब में पहुंचाने की योजना पर कार्य शुरू हो गया है। बताया कि स्वास्थ्य के क्षेत्र में मरीजों को बेहतर सुविधा सुनिश्चित करने के मकसद से इस डिजिटल का उपयोग किया जा रहा है। कहा कि स्थानीय प्रशासन से अनुमति के मिलने के बाद ड्रोन से सैंपल पहुंचाने का अनूठा प्रयोग होगा। तीन जनवरी से ड्रोन के माध्यम से ट्रायल शुरू करने की योजना है।
मंडी में 35 मिनट में पहुंचेंगे सैंपल
सिविल अस्पताल जोगिंद्रनगर से मंडी महज 35 मिनट में मरीजों के सैपल पहुंचा करेंगे। मौजूदा समय में सड़क के रास्ते डेढ़ से दो घंटे का समय लगता है। सड़क बाधित होने या जाम लगने पर सैंपल पहुंचाने में परेशानी झेलनी पड़ती हैं। बताया कि यह ड्रोन एक बार में करीब पांच से दस किलो भार की सामग्री को ले जा सकेगा। एक बार में करीब 300 सैंपल पहुंचाए जा सकेंगे। पहले जहां सैंपल को पहुंचाने के लिए स्टाफ कर्मचारी की टीम दो पहिया व चार पहिया वाहनों के माध्यम से मंडी व मोहाली तक सैंपल लैब तक लाती थी, वहीं अब ड्रोन के माध्यम से इस कार्य को पूरा किया जाएगा।
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