Mandi News: मंडी पहुंचे भूवैज्ञानिक, टारना पहाड़ी के धंसने का खोजेंगे कारण

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Geologist team reached Mandi to Find reason of Tarna Hill Sinking

श्रेयसी महापात्रा और तृप्ति बाबा।
– फोटो : संवाद

विस्तार


मंडी की टारना पहाड़ी पर बरसात में हुए भूस्खलन और भू धंसाव के कारण को खंगालने और इसे रोकने के उपाय सुझाने के लिए भारतीय भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण (जीएसआई) चंडीगढ़ का दो सदस्यीय दल बुधवार को मंडी पहुंचा। यह दल अगले दो सप्ताह टारना में भूभौतिकीय कारकों का अध्ययन करेगा। वह टारना पहाड़ी की डिटेल मैपिंग करने के साथ ही मिट्टी के नमूने लेकर प्रयोगशाला में अध्ययन करेंगे। भारतीय भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण के इस दल में विज्ञानी श्रेयसी महापात्रा और तृप्ति बाबा शामिल हैं।

जुलाई-अगस्त में हुई बरसात में प्रदेश में भूस्खलन और भूधसाव की अत्यधिक घटनाएं हुई हैं। इन्हें देखते हुए मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने जियोलॉजिकल सर्वे करवा इसके कारणों का पता लगाने के निर्देश दिए हैं। इसी संदर्भ में भारतीय भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण की टीम पूरी गहनता से सर्वेक्षण करेगी।

रिपोर्ट के अनुरूप इसकी रोकथाम के लिए कदम उठाने के साथ ही भविष्य में ऐसी स्थितियों से निपटने के लिए टीम जो भी उपाय सुझाएगी उस पर काम किया जाएगा। इससे पहले भी सितंबर के पहले हफ्ते में भारतीय भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण के एक दल ने आईआईटी मंडी के वैज्ञानिकों के साथ मिलकर कर जिले में आपदा प्रभावित क्षेत्रों का सर्वे किया था।

जिलाधीश अरिंदम चौधरी ने बताया कि टीम पहुंच गई है। विस्तार से सर्वे कर टीम हर पहलू को देखेगी। बता दें कि प्रदेश समेत मंडी जिले में जुलाई-अगस्त महीने में भारी बारिश के कारण कई जगहों पर भूस्खलन की घटनाएं हुईं। इसमें मंडी शहर के टारना में कई मकानों में दरारें आई हैं। वहीं भू धंसाव के कारण अनेक घरों को खतरा उत्पन्न हो गया है। इसे देखते हुए त्वरित समाधान के साथ साथ दीर्घकालिक उपायों को लेकर कार्य योजना बनाने के लिए प्रदेश सरकार व्यापक भूगर्भीय सर्वेक्षण करवा रही है।

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