Atiq Ashraf Murder: अलीगढ़ डीआईजी जांच में खुले अरुण मौर्या के कई राज, अवैध हथियार से शुरु किया अपराध का सफर

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अतीक और अशरफ की हत्या करने वाला अरुण
पूर्वी यूपी के कुख्यात अपराधी अतीक-अशरफ की हत्या में शामिल कासगंज के अरुण मौर्या का अपराधिक रिकार्ड अलीगढ़ रेंज पुलिस द्वारा खंगाला गया है। इसमें अभी तक उजागर हुआ है कि मूल रूप से कासगंज के अरुण का जन्म हरियाणा के पानीपत में हुआ और वहीं वह अपराध में आया है और उस पर आर्म्स एक्ट व हमले के दो मुकदमे दर्ज हैं।

यह भी उजागर हुआ है कि छह माह पहले जेल से छूटा अरुण अपने गांव आया था, फिर वापस पानीपत चला गया। इसके बाद दिल्ली में दोस्त की शादी में जाने की बात कहकर लापता हो गया था। तब से वह किसी के संपर्क में नहीं था।

रेंज पुलिस द्वारा एकत्रित किए गए ब्योरे के अनुसार अरुण कासगंज के सोरों क्षेत्र के गांव कादरवाड़ी का मूल निवासी है और पानीपत के विकास नगर में रहता था। पुलिस को मिली जानकारी के अनुसार वर्ष 1988 में उसके दादा मथुरा प्रसाद पानीपत गए थे। पहले वे किराये पर रहे, बाद में उन्होंने वहीं पर मकान बनाया। वहीं अरुण का जन्म हुआ। पिछले दिनों उसके पिता अपने पैतृक मकान पर कासगंज आए थे। मगर अरुण नहीं आया।

पुलिस जांच के अनुसार सबसे पहली बार वह पानीपत के शराब ठेके से अवैध हथियार सप्लाई के आरोप में हथियार सहित फरवरी 2022 में पकड़ा गया था। उसने स्वीकारा था कि कासगंज के दोस्त अतुल की मदद से उसने तीन हजार रुपये उधार लेकर यह हथियार खरीदा है। बाद में पुलिस ने अतुल को भी गिरफ्तार किया। इसी बीच जेल में कई अपराधियों से दोस्ती हुई।

छह माह पहले वह पानीपत में हमले के मुकदमे में जेल गया। वहां से छूटकर आने के बाद पैतृक गांव अपने चाचा-चाची के पास आया। फिर वापस पानीपत चला गया। मगर कुछ दिन पहले पानीपत से गायब हो गया। इस बात की जानकारी देते हुए डीआईजी सुरेशराव ए कुलकर्णी बताते हैं कि अरुण के पैतृक गांव में एक-एक सदस्य से जानकारी की जा रही है। सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम गांव में रखे गए हैं। अब तक की जांच में दो मुकदमे सामने आए हैं।

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