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श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर ठाकुर बांकेबिहारी मंदिर में मंगला आरती के दौरान हुए हादसे के बाद भी हालात में कोई सुधार नहीं हो पा रहा। रविवार को परिवार के साथ दर्शन करने आई 13 वर्षीय महक पुत्री सुधीर पाठक मंदिर में भीड़ के दबाव को सहन नहीं कर सकी और बेहोश हो गई। इसके साथ रामवीर की 17 वर्षीय बेटी रश्मि, दिल्ली निवासी स्वाति, राजस्थान के दौंसा निवासी 39 वर्षीय मंजू और अहमदाबाद निवासी 40 वर्षीय मुस्कान, चंडीगढ़ निवासी 80 वर्षीय कमला भी बेहोश हो गईं।
कमला को परिवार के लोगों और मंदिर के कर्मचारियों ने भीड़ के बीच से निकाला। मंदिर परिसर में मौजूद डाक्टरों के पास ले गए। जहां डॉ. प्रियामान और डॉ. रवींद्र ने उनका उपचार किया। बेहोश हुए अन्य श्रद्धालुओं को भी प्राथमिक उपचार दिया गया।
रविवार को विद्यापीठ चौराहे पर लगाई गई बैरिकेडिंग पर श्रद्धालुओं की भीड़ बेकाबू होती दिखी। यहां हालात सुधारने के लिए पुलिस को मशक्कत करनी पड़ी। मंदिर की ओर जाने वाले मार्ग भी भक्तों की भीड़ से भरे रहे। गलियां और मुख्य मार्ग सभी जगह भक्तों की भीड़ नजर आ रही थी। धीरे धीरे भीड़ मंदिर की ओर बढ़ी और इसका दबाव मंदिर परिसर में भी देखने को मिला।
मंदिर प्रबंधन के कर्मचारी और पुलिस को भीड़ नियंत्रण करने के लिए भारी मशक्कत करनी पड़ रही थी। ऐसे हालात शाम को भी दिखाई दिए। मंदिर के गेट नंबर तीन और दो पर भक्तों की भीड़ को नियंत्रित करने में सुरक्षाकर्मियों के पसीने छूट रहे थे। वहीं मंदिर के प्रबंधक मुनीष शर्मा का कहना है कि मंदिर में दर्शन करने वालों को कोई समस्या नहीं हो रही है। दर्शन पहले से अधिक सुलभ हो रहे हैं।
रविवार को बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने के कारण शहर की सड़कों पर जाम लग गया। यही स्थिति गलियों में भी रही। लोग जाम में फंसे पुलिस व्यवस्था को कोसते रहे। यमुना एक्सप्रेसवे कट से वृंदावन आने वाले पानीगांव मार्ग पर सबसे अधिक जाम रहा। छटीकरा से वृंदावन आने वाले मार्ग पर सुबह से ही वाहनों की लंबी कतार लगी रही। इसके साथ ही अन्य मार्गों पर भी जाम की स्थिति रही।
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