Mathura Holi: राजाधिराज ने पटरानी संग भक्तों से खेली होली, द्वारिकाधीश ने यमुना तट पर पिचकारी से बरसाया रंग

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Thakur Dwarkadhish played Holi with Patrani and devotees in Vrindavan

होली पर प्रस्तुति देते श्रीकृष्ण-राधा स्वरूप कलाकार
– फोटो : संवाद

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तीर्थनगरी मथुरा के वृंदावन में ठाकुर द्वारिकाधीश मंदिर में रविवार को अलग ही माहौल रहा। राजाधिराज ने जगमोहन में बनीं अपनी पटरानी प्रतीकात्मक यमुना किनारे बैठ रजत पिचकारी से जमकर भक्तों पर रंग उड़ेला। भक्तगण भी टेसू के रंग और गुलाल से सराबोर नजर आ रहे थे। होली के माहौल में सभी भक्त देर तक झूमते दिखे।

पुष्टिमार्गीय संप्रदाय के मंदिर द्वारिकाधीश में रविवार को होलाष्टक लगने के साथ ही होली का आयोजन आरंभ हो गया। यह आयोजन 25 मार्च तक प्रतिदिन सुबह राजभोग के दर्शनों में चलेगा। रविवार को जगमोहन में बनाई गईं यमुनाजी के किनारे बैठ ठा. द्वारिकाधीश ने अपनी रजत पिचकारी से भक्तों पर टेसू के फूलों से बनाए गए रंगों को उड़ेला तो भक्त धन्य हो गए। मंदिर में इस दौरान भक्त होली रसिया की धुन पर झूमते दिखे।

20 मार्च को कुंज में विराजमान होकर होली खेलेंगे ठाकुरजी

मंदिर में पुजारी द्वारा उड़ाए जा रहे रंग और गुलाल में महिला, पुरुष और बच्चे लिपटे नजर आए। उनकी मस्ती ने इस माहौल को होलीमय कर दिया। इस दौरान मंदिर में राजाधिराज के जयकारे गूंजते रहे। विधि प्रभारी राकेश तिवारी एडवोकेट ने बताया कि ठाकुर जी द्वारा यमुना तट पर विराजमान होकर स्वर्णावर रजत पिचकारी के साथ होली खेली गई। यह क्रम 25 मार्च तक प्रतिदिन सुबह राजभोग के दर्शनों में सुबह 10 बजे से 11 बजे तक चलेगा। 20 मार्च को ठाकुरजी कुंज में विराजमान होकर होली खेलेंगे।

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