मथुरा के वृंदावन में बिहारीजी कॉरिडोर को लेकर प्रशासनिक अधिकारी और राजस्वकर्मियों की टीम सर्वे कर रही है। बुधवार को कॉरिडोर के प्रस्तावित क्षेत्र में नापजोख की गई। टीम ने 110 भवनों का चिन्हांकन के साथ मूल्यांकन भी किया। इसके लिए राजस्व रिकॉर्ड के साथ गूगल मैपिंग की मदद ली गई।
इलाहाबाद हाईकोर्ट के आदेश पर डीएम पुलकित खरे द्वारा गठित आठ सदस्यीय समिति राजस्व और नगर निगम कर्मियों की मदद से श्रीबांकेबिहारी मंदिर क्षेत्र से जुडे़ प्रस्तावित कॉरिडोर के लिए जमीन का चिन्हांकन कर रही है। इस दौरान टीम ने प्रस्तावित पांच एकड़ क्षेत्र में 110 भवनों की नापजोख की। इसकी शुरुआत टीम ने जुगलघाट से की। टीम ने राजस्व रिकॉर्ड के साथ गूगल मैपिंग का भी सहारा लिया। दोनों ही प्रकार के अभिलेखों के सहारे टीम प्रस्तावित कॉरिडोर क्षेत्र में भवनों का चिन्हांकन करते हुए उनका मूल्यांकन भी कर रही है।
व्यापारी और गोस्वामी जाएंगे सुप्रीम कोर्ट
ठाकुर बांकेबिहारी मंदिर के लिए प्रस्तावित कॉरिडोर निर्माण के खिलाफ भी लोग खड़े हो रहे हैं। मंदिर के सेवायत, गोस्वामी और स्थानीय व्यापारी सुप्रीम कोर्ट की शरण लेने की तैयारी में हैं। श्रीबांकेबिहारी मंदिर क्षेत्र के व्यापारियों का दल बुधवार को इसके लिए दिल्ली रवाना हो गया है। बांकेबिहारी व्यापारिक एसोसिएशन के अध्यक्ष अमित गौतम ने बताया कि व्यापारियों और स्थानीय लोगों के हितों को ध्यान में रखते हुए सुप्रीम कोर्ट की शरण लेना ही एक उपाय बचा है।
25-30 मीटर चौडे़ होंगे रास्ते
वृंदावन में प्रस्तावित कॉरिडोर अमल में आता है तो श्रीबांकेबिहारी मंदिर तक पहुंचने वाले सभी रास्ते 25-30 मीटर चौडे़ होंगे। टीम ने तीन रास्तों को मंदिर तक प्रवेश और निकास के लिए तय किया है। यह सभी रास्ते 25 से 30 मीटर चौडे़ होंगे, जो वर्तमान में बहुत ही संकरे हैं। इनमें पहला रास्ता विद्यापीठ चौराहा से होगा जबकि दूसरा जुगल घाट और तीसरा वीआईपी रोड होगा। इसके अलावा राधा सनेह बिहारी मंदिर से बांकेबिहारी मंदिर मार्ग के चौड़ीकरण की योजना भी है। इस तरह विद्यापीठ और जुगल घाट से कॉरिडोर तक का रास्ता 25 मीटर चौड़ा होगा।
कॉरिडोर बदल देगा मंदिर क्षेत्र की तस्वीर
कॉरिडोर की कार्ययोजना श्रीबांकेबिहारी मंदिर क्षेत्र की तस्वीर ही बदल देगा। यहां के पहुंच मार्ग चौडे़ होंगे, बल्कि इनसे जुड़ी सड़कों का भी चौड़ीकरण किया जाएगा। दुकानों की व्यवस्था भी रहेगी। जूते-चप्पल रखने के स्थान, सीसीटीवी कैमरे, बैरियर, जन सुविधाएं, परिक्रमा पथ, यात्री सुविधा केंद्र, शॉपिंग कॉम्प्लेक्स, मल्टीपरपज हॉल आदि सुविधाएं बिहारी जी के भक्तों को मुहैया कराई जाएंगी।
विस्तार
मथुरा के वृंदावन में बिहारीजी कॉरिडोर को लेकर प्रशासनिक अधिकारी और राजस्वकर्मियों की टीम सर्वे कर रही है। बुधवार को कॉरिडोर के प्रस्तावित क्षेत्र में नापजोख की गई। टीम ने 110 भवनों का चिन्हांकन के साथ मूल्यांकन भी किया। इसके लिए राजस्व रिकॉर्ड के साथ गूगल मैपिंग की मदद ली गई।
इलाहाबाद हाईकोर्ट के आदेश पर डीएम पुलकित खरे द्वारा गठित आठ सदस्यीय समिति राजस्व और नगर निगम कर्मियों की मदद से श्रीबांकेबिहारी मंदिर क्षेत्र से जुडे़ प्रस्तावित कॉरिडोर के लिए जमीन का चिन्हांकन कर रही है। इस दौरान टीम ने प्रस्तावित पांच एकड़ क्षेत्र में 110 भवनों की नापजोख की। इसकी शुरुआत टीम ने जुगलघाट से की। टीम ने राजस्व रिकॉर्ड के साथ गूगल मैपिंग का भी सहारा लिया। दोनों ही प्रकार के अभिलेखों के सहारे टीम प्रस्तावित कॉरिडोर क्षेत्र में भवनों का चिन्हांकन करते हुए उनका मूल्यांकन भी कर रही है।
व्यापारी और गोस्वामी जाएंगे सुप्रीम कोर्ट
ठाकुर बांकेबिहारी मंदिर के लिए प्रस्तावित कॉरिडोर निर्माण के खिलाफ भी लोग खड़े हो रहे हैं। मंदिर के सेवायत, गोस्वामी और स्थानीय व्यापारी सुप्रीम कोर्ट की शरण लेने की तैयारी में हैं। श्रीबांकेबिहारी मंदिर क्षेत्र के व्यापारियों का दल बुधवार को इसके लिए दिल्ली रवाना हो गया है। बांकेबिहारी व्यापारिक एसोसिएशन के अध्यक्ष अमित गौतम ने बताया कि व्यापारियों और स्थानीय लोगों के हितों को ध्यान में रखते हुए सुप्रीम कोर्ट की शरण लेना ही एक उपाय बचा है।