Mau Crime: जेल से बचाने के नाम पर मांग रहा था रिश्वत, एंटीकरप्शन टीम ने ट्रैप कर अमीन को पकड़ा

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जेल से बचाने के नाम पर मांग रहा था रिश्वत

जेल से बचाने के नाम पर मांग रहा था रिश्वत
– फोटो : अमर उजाला

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मऊ में जेल से बचाने के नाम पर एक व्यक्ति से पंद्रह हजार की रिश्वत लेते हुए मंगलवाार को गोरखपुर एंटी करप्शन टीम ने मधुबन तहसील के संग्रह अमीन को रंगेहाथ पकड़ा। पकड़े गए अमीन को टीम अपने साथ दोहरीघाट थाने ले आई, जहां कानूनी कार्रवाई जारी है। इस कार्रवाई से मधुबन तहसील के साथ पूरे जिले में इसकी चर्चा होती रही। वहीं लोग इस कदम को लेकर शिकायतकर्ता की जमकर सराहना करते दिखे।
जानकारी के अनुसार मधुबन नगर पंचायत के वार्ड नंबर 13 गुप्ता गली निवासी संजय मद्देशिया के खिलाफ राजस्व बकाया के भुगतान न करने पर विभाग द्वारा आरसी जारी की गई है। पीड़ित संजय मद्देशिया के अनुसार इसी मामले में अमीन राजेश लाल श्रीवास्तव  द्वारा उसे एसडीएम, तहसीलदार आदि का धौंस जमा कर उसे जेल भेजने की धमकी दी जा रही थी। पीड़ित के अनुसार इससे पहले भी आरोपी अमीन द्वारा उससे जेल भेजे जाने का भय दिखा कर तीन अलग-अलग किस्तों में कुल 30 हजार रूपए का भुगतान लिया जा चुका है और इसकी कोई रसीद भी नहीं दी गयी है।इसके बाद भी उसके द्वारा15 हजार की और की जा रही थी, न देने पर उसे जेल भेजवाने की धमकी दे रहा था। इससे परेशान संजय मद्देशिया ने गोरखपुर पहुंच कर एंटी करप्शन विभाग में इसकी लिखित शिकायत की।
जिसके बाद एंटी करप्शन विभाग गोरखपुर की टीम निरीक्षक उदय प्रताप सिंह के नेतृत्व में मंगलवार को मधुबन बाजार में पहुंची। प्लानिंग के अनुसार संजय मद्देशिया ने अमीन राजेश लाल श्रीवास्तव को रिश्वत के 15 हजार रूपए देने के लिए फोन कर मधुबन बाजार स्थित शिव मंदिर के पास बुलाया। संजय मद्देशिया के पॉकेट में रखे कुल 15 हजार रूपये की गड्डी में विभाग द्वारा पहले ही पाऊडर लगाया जा चुका था। एंटी करप्शन टीम के सदस्य एक एक गतिविधियों पर बारीकी से नजर बनाए हुए थे। फोन पर हुई बात के अनुसार अमीन रिश्वत के पैसे को लेने के लिए पहुंचा।
संजय मद्देशिया द्वारा दिए गए रुपए की गड्डी को जैसे ही अमीन द्वारा अपने हाथ में लेकर जेब में रखने का प्रयास किया गया, टीम ने इसे धर दबोचा। नोट की गड्डी पर लगे केमिकल के आधार पर पीड़ित एवं आरोपी दोनों के हाथ रंगे हुए पाए गये। इसके बाद पकड़े गए अमीन को एंटी करप्शन की टीम पकड़ कर अपने साथ दोहरीघाट थाने ले गई। रिश्वत के रूप में पकड़े गए रुपए को जांच के लिए लैब में भेजा जाएगा और उसी के रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्यवाही सुनिश्चित की जाएगी।

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मऊ में जेल से बचाने के नाम पर एक व्यक्ति से पंद्रह हजार की रिश्वत लेते हुए मंगलवाार को गोरखपुर एंटी करप्शन टीम ने मधुबन तहसील के संग्रह अमीन को रंगेहाथ पकड़ा। पकड़े गए अमीन को टीम अपने साथ दोहरीघाट थाने ले आई, जहां कानूनी कार्रवाई जारी है। इस कार्रवाई से मधुबन तहसील के साथ पूरे जिले में इसकी चर्चा होती रही। वहीं लोग इस कदम को लेकर शिकायतकर्ता की जमकर सराहना करते दिखे।

जानकारी के अनुसार मधुबन नगर पंचायत के वार्ड नंबर 13 गुप्ता गली निवासी संजय मद्देशिया के खिलाफ राजस्व बकाया के भुगतान न करने पर विभाग द्वारा आरसी जारी की गई है। पीड़ित संजय मद्देशिया के अनुसार इसी मामले में अमीन राजेश लाल श्रीवास्तव  द्वारा उसे एसडीएम, तहसीलदार आदि का धौंस जमा कर उसे जेल भेजने की धमकी दी जा रही थी। पीड़ित के अनुसार इससे पहले भी आरोपी अमीन द्वारा उससे जेल भेजे जाने का भय दिखा कर तीन अलग-अलग किस्तों में कुल 30 हजार रूपए का भुगतान लिया जा चुका है और इसकी कोई रसीद भी नहीं दी गयी है।इसके बाद भी उसके द्वारा15 हजार की और की जा रही थी, न देने पर उसे जेल भेजवाने की धमकी दे रहा था। इससे परेशान संजय मद्देशिया ने गोरखपुर पहुंच कर एंटी करप्शन विभाग में इसकी लिखित शिकायत की।

जिसके बाद एंटी करप्शन विभाग गोरखपुर की टीम निरीक्षक उदय प्रताप सिंह के नेतृत्व में मंगलवार को मधुबन बाजार में पहुंची। प्लानिंग के अनुसार संजय मद्देशिया ने अमीन राजेश लाल श्रीवास्तव को रिश्वत के 15 हजार रूपए देने के लिए फोन कर मधुबन बाजार स्थित शिव मंदिर के पास बुलाया। संजय मद्देशिया के पॉकेट में रखे कुल 15 हजार रूपये की गड्डी में विभाग द्वारा पहले ही पाऊडर लगाया जा चुका था। एंटी करप्शन टीम के सदस्य एक एक गतिविधियों पर बारीकी से नजर बनाए हुए थे। फोन पर हुई बात के अनुसार अमीन रिश्वत के पैसे को लेने के लिए पहुंचा।

संजय मद्देशिया द्वारा दिए गए रुपए की गड्डी को जैसे ही अमीन द्वारा अपने हाथ में लेकर जेब में रखने का प्रयास किया गया, टीम ने इसे धर दबोचा। नोट की गड्डी पर लगे केमिकल के आधार पर पीड़ित एवं आरोपी दोनों के हाथ रंगे हुए पाए गये। इसके बाद पकड़े गए अमीन को एंटी करप्शन की टीम पकड़ कर अपने साथ दोहरीघाट थाने ले गई। रिश्वत के रूप में पकड़े गए रुपए को जांच के लिए लैब में भेजा जाएगा और उसी के रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्यवाही सुनिश्चित की जाएगी।



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