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एमसी शिमला की मासिक बैठक।
– फोटो : अमर उजाला
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हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला में पेयजल और कूड़ा शुल्क बढ़ाने के बाद अब 30 हजार भवन मालिकों को नगर निगम ने एक और झटका दे दिया है। शहर में प्रॉपर्टी टैक्स चार फीसदी तक बढ़ा दिया है। यह बढ़ोतरी इसी वित्तीय वर्ष से लागू मानी जाएगी। हालांकि भवन मालिकों से इसकी वसूली अगले साल जारी होने वाले टैक्स के बिलों में की जाएगी।शहर में अब हर साल प्रॉपर्टी टैक्स बढ़ाया जाएगा। भाजपा पार्षदों के विरोध के बीच नगर निगम सदन ने शनिवार को टैक्स बढ़ाने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी। महापौर सुरेंद्र चौहान की अध्यक्षता में हुई मासिक बैठक में इस प्रस्ताव को चर्चा के लिए रखा गया।
नगर निगम आयुक्त भूपेंद्र अत्री ने बताया कि केंद्र सरकार की ओर से टैक्स को लेकर नए दिशा निर्देश जारी हुए हैं। इसके अनुसार प्रदेश की विकास दर के अनुसार टैक्स में बढ़ोतरी की जानी है। देशभर के सभी शहरी निकायों को यह नई व्यवस्था लागू करनी है। इसे लागू करने पर ही केंद्रीय अनुदान नगर निगम शिमला को मिल पाएगा। इसलिए शिमला नगर निगम को भी अब इसी फार्मूले के तहत टैक्स बढ़ाना पड़ेगा। इस बार चार फीसदी टैक्स बढ़ाया जाना है। पिछले सदन में इस प्रस्ताव का विरोध करने वाले शहरी विधायक हरीश जनारथा ने इस बार विरोध नहीं किया और सदन को ही इस पर फैसला लेने को कहा।
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