आम आदमी पार्टी ने एमसीडी में मनाेनीत पार्षदों के मामले में भाजपा व उपराज्यपाल के खिलाफ सोमवार को भी मोर्चा खोला। आप नेताओं व कार्यकर्ताओं ने संविधान की परंपरा के खिलाफ जाकर मनोनीत पार्षदों से वोट करवाने की साजिश करने का आरोप लगाते हुए भाजपा कार्यालय पर प्रदर्शन किया। इस दौरान आप नेताओं ने उपराज्यपाल पर भी निशाना साधा। आप के विधायकों, पार्षदों और कार्यकर्ताओं ने उपराज्यपाल व भाजपा के खिलाफ नारेबाजी की।
प्रदर्शन समाज कल्याण मंत्री राजकुमार आनंद और आप नेता सौरभ भारद्वाज, संजीव झा, आदिल अहमद खान के नेतृत्व में किया गया। इस मौके पर आप नेताओं ने आरोप लगाया कि उपराज्यपाल की ओर से एमसीडी में सारे नियमों की धज्जियां उड़ाकर संविधान की हत्या की जा रही है। उन्होंने उपराज्यपाल को चेतावनी दी कि महापौर चुनाव में मनोनीत पार्षदों के वोट नहीं करने के मामले में स्थिति साफ नहीं होने तक वह संविधान की रक्षा के लिए संघर्ष सड़क से लेकर संसद तक जारी रखेंगे।
सौरभ भारद्वाज ने कहा कि भाजपा बेइमानी करके एमसीडी पर कब्जा करना चाहती है, जबकि एमसीडी चुनाव में आप को बहुमत मिला है और उसकी सरकार बननी चाहिए, मगर उपराज्यपाल ने बेइमानी से पीठासीन अधिकारी नियुक्त किया और भाजपा के कार्यकर्ताओं को पार्षद मनोनीत नियुक्त किया। अब वे बेइमानी से उनके वोट डलवाना चाहते हैं।
उन्होंने कहा कि वह कांग्रेस की तरह भाजपा से डरने वाले नहीं हैं। हम लड़ेंगे और अपना हक लेकर रहेंगे। उन्होंने उपराज्यपाल पर भाजपा का साथ देने का आरोप लगाया लगाते हुए उन्हें निष्पक्ष होकर कार्य करने की सलाह दी। मंत्री राजकुमार आनंद ने कहा कि भाजपा का अलोकतांत्रिक चेहरा है और हम उसे उजागर करना चाहते हैं। गलत तरीके से बनाए गए इन 10 मनोनीत पार्षदों के वोट होनेे के बाद भी आप अपना महापौर बना सकते थे। यह पूरी दिल्ली जानती है, लेकिन हमारे नेता अरविंद केजरीवाल ऐसी सरकार नहीं चाहते हैं जो लोकतंत्र की हत्या करके बनाई जाए।
भाजपा ने मुख्यमंत्री आवास पर प्रदर्शन कर किया पलटवार
प्रदेश भाजपा ने एमसीडी के सदन की बैठक में शुक्रवार को हंगामा होने के मामले में सोमवार को मुख्यमंत्री निवास पर प्रदर्शन किया। इस दौरान भाजपा नेताओं ने चेतावनी दी कि वह एमसीडी में बाबा भीमराव अंबेडकर के लिखित संविधान की बेइज्जती नहीं करने देंगे। प्रदर्शन के बाद भाजपाइयों ने गिरफ्तारी भी दी। प्रदर्शन का नेतृत्व प्रदेश भाजपा के कार्यकारी अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा और दिल्ली विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष रामवीर सिंह बिधूड़ी ने किया। प्रदर्शन में सांसद प्रवेश वर्मा, प्रदेश महामंत्री हर्ष मल्होत्रा व दिनेश प्रताप सिंह भी शामिल हुए।
एमसीडी सदन में हुई घटना बेहद शर्मनाक: सचदेवा इस मौके पर वीरेंद्र सचदेवा ने कहा कि छह जनवरी को एमसीडी सदन में हुई घटना बेहद शर्मनाक है, जिसमें राजनीतिक मर्यादा को तार-तार किया गया। यह दिल्ली वासियों के लिए दुर्भाग्य की बात है कि मुख्यमंत्री पिछले आठ साल से उनका दोहन कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री की ओर सेे देशवासियों और भाजपा की महिला पार्षदों से माफी नहीं मांगने पर उनका संघर्ष जारी रहेगा।
उन्होंने कहा कि केजरीवाल की पार्टी 134 पार्षदों के साथ एमसीडी सदन में पहुंची है, मगर उनकी पार्टी में फूट पड़ चुकी है, क्योंकि महापौर व उपमहापौर पद पर उसके दो-दो पार्षद उम्मीदवार बनेे। आप ने अपनी फूट और हार को बचाने के लिए सदन में हंगामा व तोड़फोड़ की। रामवीर सिंह बिधूड़ी ने कहा कि आप विधायकों और पार्षदों ने अरविंद केजरीवाल के इशारे पर बाबा भीमराव अंबेडकर के लिखित संविधान का अपमान किया है। पीठासीन अधिकारी सत्या शर्मा के ऊपर आप नेताओं का कुर्सी फेंकना शर्मनाक है। उन्होंने कहा कि पीठासीन की कुर्सी की गरिमा को तार-तार कर कागज फाड़ने की हरकत केजरीवाल और उनके नेताओं का अपने आप को संविधान से ऊपर मानना है। उन्होंने कहा कि आप विधायकों और पार्षदों ने भाजपा की महिला पार्षदों के साथ दुर्व्यवहार किया, इसलिए उपराज्यपाल 13 विधायकों को एक साल के लिए विधानसभा से निष्कासित करें।
कांग्रेस ने आप और भाजपा पर साधा निशाना दिल्ली कांग्रेस ने आम आदमी पार्टी और भाजपा पर एक बार फिर निशाना साधा है। पार्टी ने मेयर, डिप्टी मेयर और स्थायी समिति के चेयरमैन के चुनावों के दौरान की घटना का शर्मसार करने वाला बताया। साथ ही कहा कि जनता की समस्याओं के समाधान के बजाय पदों को हासिल करने के लिए दोनों पार्टियों की होड़ में ऐसी घटनाएं हुई। कांग्रेस पार्टी ने स्पष्ट कर दिया है कि पार्टी के सभी पार्षद जनता के मुद्दों के समाधान के लिए प्रतिबद्ध हैं। संचार विभाग के अध्यक्ष एवं पूर्व विधायक अनिल भारद्वाज ने निशाना साधते हुए कहा कि 150 पार्षद होने के बाद भी पता नहीं आप क्यों घबराई हुई है। कांग्रेस पार्टी पर अनर्गल आरोप लगा रही है तो कभी पार्षदों को धमकाया जा रहा है।
भाजपा सांसद ने आबकारी नीति मामले पर आप को घेरा
भाजपा सांसद प्रवेश वर्मा ने आबकारी नीति व अपने मंत्रियों से जुड़ेे मसलों पर केजरीवाल सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार कुछ अपराधियों को बचाने के लिए जनता के पैसों को वकीलों की फीस में बर्बाद कर रही है। केजरीवाल ने सिर्फ पिछले आठ महीनों में एक वकील को 18 करोड़ 97 लाख रुपये और दूसरे वकील को पांच करोड़ रुपये केस लड़ने के लिए दिए हैं। प्रवेश वर्मा ने ये बातें प्रदेश कार्यालय में सोमवार को संवाददाता सम्मेलन में कहीं।
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आम आदमी पार्टी ने एमसीडी में मनाेनीत पार्षदों के मामले में भाजपा व उपराज्यपाल के खिलाफ सोमवार को भी मोर्चा खोला। आप नेताओं व कार्यकर्ताओं ने संविधान की परंपरा के खिलाफ जाकर मनोनीत पार्षदों से वोट करवाने की साजिश करने का आरोप लगाते हुए भाजपा कार्यालय पर प्रदर्शन किया। इस दौरान आप नेताओं ने उपराज्यपाल पर भी निशाना साधा। आप के विधायकों, पार्षदों और कार्यकर्ताओं ने उपराज्यपाल व भाजपा के खिलाफ नारेबाजी की।
प्रदर्शन समाज कल्याण मंत्री राजकुमार आनंद और आप नेता सौरभ भारद्वाज, संजीव झा, आदिल अहमद खान के नेतृत्व में किया गया। इस मौके पर आप नेताओं ने आरोप लगाया कि उपराज्यपाल की ओर से एमसीडी में सारे नियमों की धज्जियां उड़ाकर संविधान की हत्या की जा रही है। उन्होंने उपराज्यपाल को चेतावनी दी कि महापौर चुनाव में मनोनीत पार्षदों के वोट नहीं करने के मामले में स्थिति साफ नहीं होने तक वह संविधान की रक्षा के लिए संघर्ष सड़क से लेकर संसद तक जारी रखेंगे।
सौरभ भारद्वाज ने कहा कि भाजपा बेइमानी करके एमसीडी पर कब्जा करना चाहती है, जबकि एमसीडी चुनाव में आप को बहुमत मिला है और उसकी सरकार बननी चाहिए, मगर उपराज्यपाल ने बेइमानी से पीठासीन अधिकारी नियुक्त किया और भाजपा के कार्यकर्ताओं को पार्षद मनोनीत नियुक्त किया। अब वे बेइमानी से उनके वोट डलवाना चाहते हैं।