MCD Elections : एमसीडी वार्डों में आबादी और मतदाताओं में भारी अंतर, 2011 की जनगणना को बनाया है परिसीमन का आधार

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एमसीडी इलेक्शन 2022

एमसीडी इलेक्शन 2022
– फोटो : अमर उजाला

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वर्ष 2011 की जनगणना के तहत बनाए गए एमसीडी के वार्डों में आबादी और मतदाताओं में भारी अंतर है। इसकी बानगी मतदाताओं की संख्या के मामले में एमसीडी के सबसे छोटे वार्ड कापसहेड़ा और सबसे बड़े नवादा में मिल रही है। वार्ड नंबर-132 कापसहेड़ा में करीब 74 हजार आबादी है जबकि वोटरों की संख्या करीब 20 हजार है।

इसी तहर वार्ड नंबर-114 नवादा में करीब 99 हजार मतदाता हैं, जबकि आबादी 87 हजार है। इसके अलावा कापसहेड़ा वार्ड में सबसे कम मतदान केंद्र है। इस वार्ड वोटर 18 बूथों पर मतदान करेंगे, जबकि नवादा वार्ड में सबसे ज्यादा मतदान केंद्र है। 

इस वार्ड में 86 मतदान केंद्र बनाए गए है। राजधानी में वर्तमान समय में दो करोड़ आबादी और डेढ़ करोड़ मतदाता है। इस तरह कुल आबादी का 75 प्रतिशत वोटर हैं। हाल में ही बने वार्डों में आबादी व मतदाता के बीच यह अनुपात नहीं है। दरअसल, एमसीडी के वार्डों का परिसीमन वर्ष 2011 की जनगणना के आधार पर किया गया है।

40 वार्डों में आबादी से ज्यादा मतदाता
दिल्ली राज्य चुनाव आयोग के अनुसार करीब 40 वार्डों में आबादी से अधिक मतदाता है। वहीं, करीब 20 वार्डों में आबादी से काफी कम मतदाता है। इसके अलावा करीब 100 सौ वार्डों में आबादी व मतदाता करीब-करीब बराबर है। खास बात यह है कि कापसहेड़ा वार्ड के निवासी बड़ी संख्या में पलायन कर गए है। इसी कारण उसमें वर्ष 2011 की जनसंख्या की तुलना में मतदाताओं की संख्या काफी हो गई है।

वर्ष 2011 की जनगणना के मुताबिक हाल में बनाए गए एमसीडी के वार्डों में वार्ड नंबर-32 कंझावला सबसे छोटा वार्ड है। इस वार्ड में करीब 40 हजार आबादी और करीब 37 हजार मतदाता है, लेकिन मतदाताओं के मामले में कापसहेड़ा वार्ड सबसे छोटा है।

विस्तार

वर्ष 2011 की जनगणना के तहत बनाए गए एमसीडी के वार्डों में आबादी और मतदाताओं में भारी अंतर है। इसकी बानगी मतदाताओं की संख्या के मामले में एमसीडी के सबसे छोटे वार्ड कापसहेड़ा और सबसे बड़े नवादा में मिल रही है। वार्ड नंबर-132 कापसहेड़ा में करीब 74 हजार आबादी है जबकि वोटरों की संख्या करीब 20 हजार है।

इसी तहर वार्ड नंबर-114 नवादा में करीब 99 हजार मतदाता हैं, जबकि आबादी 87 हजार है। इसके अलावा कापसहेड़ा वार्ड में सबसे कम मतदान केंद्र है। इस वार्ड वोटर 18 बूथों पर मतदान करेंगे, जबकि नवादा वार्ड में सबसे ज्यादा मतदान केंद्र है। 

इस वार्ड में 86 मतदान केंद्र बनाए गए है। राजधानी में वर्तमान समय में दो करोड़ आबादी और डेढ़ करोड़ मतदाता है। इस तरह कुल आबादी का 75 प्रतिशत वोटर हैं। हाल में ही बने वार्डों में आबादी व मतदाता के बीच यह अनुपात नहीं है। दरअसल, एमसीडी के वार्डों का परिसीमन वर्ष 2011 की जनगणना के आधार पर किया गया है।

40 वार्डों में आबादी से ज्यादा मतदाता

दिल्ली राज्य चुनाव आयोग के अनुसार करीब 40 वार्डों में आबादी से अधिक मतदाता है। वहीं, करीब 20 वार्डों में आबादी से काफी कम मतदाता है। इसके अलावा करीब 100 सौ वार्डों में आबादी व मतदाता करीब-करीब बराबर है। खास बात यह है कि कापसहेड़ा वार्ड के निवासी बड़ी संख्या में पलायन कर गए है। इसी कारण उसमें वर्ष 2011 की जनसंख्या की तुलना में मतदाताओं की संख्या काफी हो गई है।

वर्ष 2011 की जनगणना के मुताबिक हाल में बनाए गए एमसीडी के वार्डों में वार्ड नंबर-32 कंझावला सबसे छोटा वार्ड है। इस वार्ड में करीब 40 हजार आबादी और करीब 37 हजार मतदाता है, लेकिन मतदाताओं के मामले में कापसहेड़ा वार्ड सबसे छोटा है।



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